उदयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त या तोड़फोड़ से बचने के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों को उदयपुर शिफ्ट कर दिया है। कांग्रेस पार्टी के विधायकों को सीएमआर से बस में बैठा कर उदयपुर के लिए रवाना कर दिया गया। हालांकि जो विधायक अपने वाहन से उदयपुर जाना चाह रहे थे, उन्हें भी इस बात की इजाजत दे दी गई कि वह अपने वाहन से जा सकें। लेकिन ज्यादातर विधायक बस में ही सवार होकर उदयपुर पहुंचे। उदयपुर जाने से पहले विधायक बस में बैठने के बाद विक्ट्री साइन दिखाते हुए उदयपुर के लिए रवाना हुए। हालांकि मंत्रियों को अपनी गाड़ियों से उदयपुर जाने को कहा गया था, लेकिन मंत्री टीकाराम जूली और मंत्री हेमाराम चौधरी बस में ही उदयपुर के लिए रवाना हुए।
इस बस में कांग्रेस पार्टी और कुछ निर्दलीय विधायक जरूर बैठे थे, लेकिन बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए या फिर बीटीपी और माकपा के विधायक बस में मौजूद नहीं थे। माना जा रहा है कि सभी निर्दलीय विधायकों को एक साथ ले जाया जाएगा। वहीं बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक 2 दिन बाद ही उदयपुर पहुंचेंगे। जानकारी के मुताबिक इन सभी विधायकों को उदयपुर के अरावली रिसोर्ट में रुकवाया जाएगा। इससे पहले दिन में कांग्रेस, निर्दलीय और समर्थित दलों के विधायकों को कांग्रेस कार्यशाला के समापन के बाद लगेज और जरूरी सामान के साथ मुख्यमंत्री आवास बुलाया गया। सीएमआर से ही विधायकों को बस के जरिए उदयपुर के लिए रवाना कर दिया गया। बता दें, कि पिछले राज्यसभा चुनाव के बाद 2020 में भी राजनैतिक बाड़ेबंदी हुई थी। राजनीतिक उठापटक के बीच 34 दिन राजस्थान कांग्रेस के विधायकों को बाड़ेबंदी में रखा गया था।

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