कोटा/बारां-हंसपाल यादव।
7 वर्षीय मासूम से रेप के आरोपी को पोक्सो कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 50 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। जज ने फैसले में टिप्पणी की है कि अभियुक्त ने मासूम बालिका के साथ जिस तरह दुष्कृत्य किया वह सम्पूर्ण समाज के आपसी वैश्वासिक संबंधों के लिए घातक है। विशिष्ट लोक अभियोजक घासीलाल वर्मा ने बताया कि 24 अक्टूबर 2019 को पीडि़त बालिका के पिता ने मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट में बताया था कि 22 अक्टूबर को पत्नी और वह काम पर गए थे। तब उनकी 7 वर्षीय पुत्री घर पर थी। उसी दिन रात 8 बजे घर आए तो पत्नी ने बताया कि बच्ची को ब्लीडिंग हो रह रही है, लेकिन इस बारे में वह कुछ नहीं बता पाई। मासूम को अस्पताल ले गए। दूसरे दिन 23 अक्टूबर को पहले कवाई, फिर छबड़ा रेफर कर दिया। यहां भी उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां नाबालिग ने बताया कि आरोपी बृजमोहन ने 22 अक्टूबर को दिन में करीब 11-12 बजे उसे खाळ में ले जाकर ज्यादती की थी। पुलिस ने नाबालिग से ज्यादती और पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर अनुसंधान कर आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया। जिस पर जज अल्का गुप्ता ने आरोपी कोलूखेड़ा निवासी बृजमोहन उर्फ भाया सहरिया पुत्र मांगीलाल निवासी कोल्हूखेड़ा को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा और 50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

कुकृत्य सम्पूर्ण समाज के आपसी वैश्वासिक संबंधों के लिए घातक-जज।

जज ने टिप्पणी की है कि अभियुक्त ने मासूम बालिका के साथ जिस तरह दुष्कृत्य किया वह सम्पूर्ण समाज के आपसी वैश्वासिक संबंधों के लिए घातक है। उसके इस अपराध के कारण बालिका को पुन: सामान्य जीवन यापन करने में शारीरिक एवं मानसिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। आरोपी ने 7 साल की अबोध बालिका को हवस का शिकार बनाया, जो बालिका के प्रति ही नहीं सम्पूर्ण समाज के प्रति अपराध है। इस अपराध के लिए आरोपी के प्रति नरमी रुख अपनाना किसी भी प्रकार से न्यायसंगत नहीं है। ऐसेमें अभियुक्त को सख्त से सख्त सजा से दंडित करना न्यायोचित है।