कोटा-हंसपाल यादव।
बाल कल्याण समिति के रोस्टर सदस्य अरुण भार्गव ने बताया कि गांव कोटली ,कामाख्या जिला जालंधर ,पंजाब की रहने वाली है। हाल फिलहाल बालिका जो हैंडबॉल की नेशनल खिलाड़ी है जूनियर में वह अमृतसर वुमन खालसा कॉलेज के हॉस्टल में रहती है। वहां पर उसको लड़कियों ने रैकिंग के माध्यम से परेशान किया और कई बातों से परेशान किया तथा उसकी झूठी बातें व शिकायत हॉस्टल वार्डन और प्रिंसिपल को कहीं। इस डर से कि उसको हॉस्टल से निकाल देंगे वहां से बिना बताए निकल गई। यह जानकारी लडक़ी ने स्वयं दी। लडक़ी से बातचीत करने पर उसने बताया कि इस परेशानी के कारण वो अमृतसर से मुंबई वाली ट्रेन मे बैठकर 30 मई को निकल गई ।अरुण भार्गव ने बताया कि लडक़ी ट्रेन से रामगंज मंडी उत्तरी वहां एक सरदारजी जो पानी पिला रहे थे उन्होंने उस बच्ची को आरपीएफ रामगंजमंडी को सौप दिया। आरपीएफ वाले उसको कोटा लेकर आए आरपीएफ वालों ने चाइल्ड लाइन के यज्ञदत्त हाडा व रेखा शाक्य को बच्ची को सौंपा ।अग्रिम कार्रवाई के लिए चाइल्ड लाइन ने बालिका को बाल कल्याण समिति के रोस्टर सदस्य अरुण भार्गव के सामने पेश किया । अरुण भार्गव ने जब लडक़ी से दोबारा बात की तो उसने बताया कि मेरे पिताजी किसान हैं और हम पांच भाई बहन हैं। परिवार के सभी लोग आपस में प्यार से रहते हैं पापा भी मेरा बहुत ख्याल रखते हैं और रास्ते में उसने किसी अन्य से मोबाइल लेकर अपने परिजनों को भी सूचित किया। क्योंकि उसका मोबाइल हॉस्टल वार्डन ने अपने पास रख लिया था। उसके पापा के बारे में जानकारी मिली है कि वह आज सुबह कोटा  पंहुचे।भार्गव ने बताया कि  बालिक के पिताजी सुबह कोटा आ गए और बाल कल्याण समिति की पूरी समिति ने जिसमें अध्यक्ष कनीज फातिमा, अरुण भार्गव, मधुबाला शर्मा ,विमल जैन, आबिद अबासी सब ने हस्ताक्षर करके एक मत से बालिका को उसके परिजनों के सुपूर्द करने की स्वीकृति प्रदान की उसके पिताजी बच्ची को लेकर दिन में अमृतसर के लिए रवाना हो गए।