जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल व मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। बैठक में मंत्रिमंडल में प्रदेश के युवाओं के सुनहरे भविष्य, विभागों में पदोन्नतियों और चिकित्सा सुविधाओं में विस्तार कराने सहित कई अहम निर्णय लिए गए हैं। हालांकि राजस्थान के डिजिटल मीडिया प्लेटफार्म को आर्थिक संबल के लिए डिजिटल पॉलिसी की आस इस केबिनेट मीटिंग में भी पूरी नहीं हो सकी। मीटिंग में डिजिटल पॉलिसी का ड्राफ्ट रखा गया, लेकिन इस पर चर्चा नहीं हो सकी। डिजिटल पॉलिसी को आगामी बैठक के लिए फिर लंबित रखा गया है।वेबसाइट और वेबपोर्टल को कानूनी व विज्ञापन मान्यता देने के लिए सूचना व जनसंपर्क विभाग की ओर से डिजिटल पॉलिसी का डाफ्ट तैयार है। बुधवार की केबिनेट मीटिंग में इसे रखा भी जाना था। बताया जाता है कि इस ड्राफ्ट पर चर्चा नहीं हुई। डिजिटल मीडिया से सैकड़ों पत्रकार जुड़े हुए हैं। वे लम्बे समय से प्रदेश में डिजिटल मीडिया पॉलिसी लागू किए जाने की मांग भी कर रहे हैं। कांग्रेस घोषणा पत्र में डिजिटल पॉलिसी को मान्यता देने का वादा कर रखा है। डिजिटल पॉलिसी नहीं होने से वेबसाइट व वेबपोर्टल को विज्ञापन नहीं मिल रहे हैं। पत्रकार संगठनों और डिजिटल प्लेटफार्म पर कार्य कर रहे पत्रकारों की ओर से मध्यप्रदेश, दिल्ली, पंजाब, भारत सरकार की डिजिटल पॉलिसी के ड्राफ्ट राज्य सरकार को देकर राजस्थान में भी डिजिटल पॉलिसी बनाने की मांग कर रहे हैं। सूचना व जनसंपर्क विभाग की ओर से डिजिटल पॉलिसी का ड्राफ्ट भी बनकर तैयार है। इस ड्राफ्ट को बुधवार की बैठक में रखा जाना भी प्रस्तावित था, लेकिन इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है। मंजूरी नहीं मिलने से वेबसाइट व वेबपोर्टल संचालित कर रहे सैकड़ों पत्रकारों में मायूसी है। जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ  राजस्थान(जार) के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा और प्रदेश महासचिव संजय सैनी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से आगामी केबिनेट मीटिंग में डिजिटल पॉलिसी को मंजूरी देने का अनुरोध किया है। इसे मंजूरी मिलने से प्रदेश के सैकड़ों युवा पत्रकारों को आर्थिक संबल मिल सकेगा।