सूबे के मुखिया अशोक गहलोत का आज 71वाँ जन्मदिन है। ईश्वर उन्हें स्वस्थ, संवेदनशील और दीर्घायु रखे। हम सभी ने सीएम गहलोत के इस कार्यकाल में काफी कुछ ऐसा देखा, पढ़ा और सुना जो एक बार तो यकीन ही नहीं आया कि गहलोत के बारे में है। पिछले कुछ समय से उन्हें बीते जमाने की 'रगड़ाई' भी बहुत याद आ रही है। इस बार गहलोत बदले-बदले से हैं।
हाँ, नहीं बदली उन्होने देर तक काम करने की आदत, हफ्ते डेढ़ हफ्ते में कोई ना कोई संवेदनशील निर्णय लेने का प्रण, पुराने लोगों की इज्जत करने का जज्बा और हालात पर गिद्द दृष्टि रखना।
और ये हालात ही रहे जिन्होने गहलोत के स्वभाव में परिवर्तन किया है। वर्ना क्या गहलोत के मुंह से किसी के लिए भी 'नाकारा-निकम्मा' जैसे शब्द सार्वजनिक तौर पर कभी भी निकलते?
भाजपा के वरिष्ठ नेता को हमेशा भावनात्मक कहकर उनकी बातों को अनदेखा करने वाले गहलोत अब इतने उद्वेलित हो जाते हैं कि इस नेता के दिमागी तवाज़न पर टिपण्णी कर देते हैं।
गहलोत के कार्यालय (सीएमओ और सीएमआर) में कार्य करने वाले भी उनके पहले से कहीं जल्दी झुंझला जाने की बात कहते हैं। इस बार के कार्यकाल में गहलोत उतने सुलभ नहीं हैं जितने आज तक रहे। हो सकता है कोरोना एक कारण रहा हो पर जो भी है, इस बार उनसे व्यक्तिगत मिलना मुश्किल हुआ है। पूर्वाग्रही तो हर बड़ा नेता होता ही है फिर चाहे हरिदेव जोशी थे या भैरों सिंह और वसुंधरा जी का तो जग जाहिर रहा। लेकिन इस बार सरकार बचाने की लंबी दुरूह कसरत ने गहलोत साहब ने पूर्वाग्रही होकर लोगों को मिलने का समय ना देने की नई आदत डाली है।
अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को धीरे से ठिकाने लगाना वे अभी भूले नहीं हैं पर अब वे घोषित T20 भी खेल लेते हैं।
आप सोच रहे होंगे कि जन्मदिन पर के बधाई देने का कौन सा तरीका है कि 'बर्थडे बॉय' की कमीयों की फेहरिस्त रखी जा रही है। जायज़ बात है।
असल में मैं अब अशोक गहलोत को निकट भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस को पुनर्जीवित करते देखता हूँ। तो ऐसी महती भूमिका के लिए जो गुण-दोष सब बाद में देखेंगे, मैं अभी स्पष्ट कर रहा हूँ। प्रोफेसर साहब से 'कोलोब्रेटर' वाले युद्ध काल से लेकर यूथ आइकॉन के 'नाकारा-निकम्मा' होने तक गहलोत साहब ने कभी अपना 'कम बैक' करना नहीं छोड़ा।
तो साहब इस बार कांग्रेस का 'कम बैक' ही आपकी सच्ची वापसी होगी। आपकी रगड़ाई कर आपको श्रेष्ठ पदों से नवाज़ने वाली पार्टी को आपकी सच्ची सेवा होगी।
आने वाले दिनों में चिंतन शिविर से पहले के कांग्रेस आला कमान के चिंतन में भी यह अवश्य होगा। आपकी प्लैटिनम जुबली कांग्रेस के अमृत काल में हो, इसी शुभेच्छा के साथ जन्मदिन पर अशेष शुभकामनाएं।


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