कोटा-हंसपाल यादव।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने गुरूवार को राजस्थान तकनीकी विवि के कुलपति डॉ.राम अवतार गुप्ता को एक निजी विश्वविद्यालय के संचालक से 5 लाख रूपये रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। डॉ. गुप्ता जुलाई, 2019 में आरटीयू कोटा में तीन वर्ष के लिये कुलपति पद पर नियुक्त हुये थे। उनका कार्यकाल 2 माह बाद पूरा होने जा रहा था। उच्च स्तर पर रिश्वतखोरी की इस खबर से राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी में खलबली मच गई। एसीबी के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि एसीबी की एसयू- द्वितीय इकाई को एसीबी की वाट्सअप हेल्पलाइन पर परिवादी द्वारा शिकायत की गई कि मेरे निजी विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की सीटें बढाने और सुविधायें उपलब्ध करवाने तथा लगातार परेशान नहीं करने की एवज में कुलपति डॉ. राम अवतार गुप्ता ने 10 लाख रूपये की रिश्वत राशि मांग कर परेशान किया जा रहा था।
गेस्ट हाउस से 21 लाख की बरामदगी।
शिकायत मिलने पर एसीबी- द्वितीय इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया और टीम ने एमएनआईटी, जयपुर कैम्पस में बने गेस्ट हाउस में ट्रेप कार्यवाही करते हुये कुलपति डॉ. रामअवतार गुप्ता को 5 लाख रूपये की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत के अलावा सरकारी गेस्ट हाउस की तलाशी में 21 लाख की संदिग्ध राशि भी बरामद की गई। याद रहे कि, कुलपति डॉ. गुप्ता पिछले चार दिन से इसी गेस्ट हाउस में रह रहे थे। एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम.एन. के निर्देशन में आरोपी कुलपति के निवास एवं अन्य ठिकानों की तलाशी जारी है। एसीबी द्वारा उक्त मामले को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।
हाउस सर्च में मिली संपति।
एडिशनल एसपी ठाकुर चंद्रशील ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश के बाद देहात टीम के साथ हाउस सर्च में जुटी। हाउस सर्च में 3 लाख 74 हजार नगद मिले। 458 ग्राम सोने के जेवर, व साढ़े 6 किलो चांदी मिली है। कुलपति और उनके परिवार के सदस्यों के 25 बैंक खाते मिले हैं। जिनमें बैलेंस करीब 79 लाख रुपए हैं। एचडीएफसी बैंक में लॉकर है,जिसे सीज किया गया है। जयपुर में एक मकान और एक फ्लैट के दस्तावेज मिले है। इसके अलावा खुद और पत्नी व पत्नी की बहिन के नाम 11 प्लाट के दस्तावेज मिले है। जानकारी के अनुसार कुलपति डॉक्टर रामवतार गुप्ता मूलरूप से जयपुर के निवासी है। पिछले ढाई साल से कोटा में पदस्थापित थे। इससे पहले वो एमएनआईटी में पदस्थापित थे।
हेल्पलाइन नंबर 1064 पर दें सूचना।
एसीबी महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर- 1064 एवं वाट्सअप हेल्पलाइन नंबर 9413502634 पर 24 घंटे में कभी भी सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में अपना योगदान दें। एसीबी राज्य सरकार के साथ ही केंद्र सरकार के कार्मिकों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिये अधिकृत है।

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