अलवर ब्यूरो रिपोर्ट। 

अलवर के राजगढ़ में अतिक्रमण हटाने के साथ करीब 300 साल पुराने मंदिर तोड़ने के विवाद को शांत करने के लिए सरकार ने एसडीएम के बाद अब नगर पालिका ईओ और नगर पालिका के चेयरमैन को भी निलंबित कर दिया। वहीं सोमवार को कलक्टर ने आमजन से मुलाकात की। बेघरों का पुर्नवास करने और सर्वे कराकर मुआवजा देने का आश्वासन दिया। लेकिन सोमवार को पुलिस की ओर से एक व्यक्ति को जबर्दस्ती गाली गलौच कर कार में बैठाने से आमजन में गुस्सा बढ़ गया था। जिसे जैसे-तैसे करके शांत किया गया। इसके बाद रात को सरकार ने तीनों जिम्मेदारों को निलंबित किया है। 

अब मंदिर के मामले में लड़ाई लड़ रहे लोगों का कहना है कि मंदिर तोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है। मंदिर भी वहीं बनाए जाएं। इस मामले में सरकार व प्रशासन आगे मिलकर निर्णय करेंगे। दूसरी तरफ जिनके पक्के मकान टूटे हैं और उनके पास पट्टे हैं। या फिर कुछ लोग बेघर हुए हैं। उनको राहत दी जाएगी। मुआवजा तय होगा। उसके बाद मिलेगा। बेघरों का पुनर्वास किया जाएगा।

सरकार के इस एक्शन से भाजपा-कांग्रेस के बीच की राजनीति कुछ ठंडी पड़ सकेगी। अब तक भाजपा ने सरकार को घेरा हुआ था। खासकर मंदिर बनाने के मामले में। लेकिन, राजगढ़ में नगर पालिका का बोर्ड होने के कारण भाजपा के नेता भी लपेटे में आ गए। इस कारण सरकार ने नगर पालिका चेयरमैन को भी सस्पेंड किया है। अब हो सकता है कि भाजपा अपने नेता का बचाव करने उतरे। लेकिन, अभी कोई रुख स्पष्ट नहीं किया है।