जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से 6 अप्रैल को आजादी की गौरव यात्रा शुरू होगी। यात्रा गुजरात के साबरमती आश्रम से शुरू होकर राजस्थान के विभिन्न जिलों से होते हुए दिल्ली के राजघाट पर जाकर संपन्न होगी। कुल 1013 किलोमीटर की यात्रा में 707 किलोमीटर का सफर अकेले राजस्थान मे होगा।
आपको बता दे, कि यह यात्रा देश में सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश देने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से आजादी की गौरव यात्रा शुरू की जा रही है। दरअसल गुजरात के साबरमती आश्रम से 6 अप्रैल को शुरू होने वाली गौरव यात्रा में अखिल भारतीय कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारी, एआईसीसी पदाधिकारी और राजस्थान कांग्रेस सेवादल पदाधिकारी भी शामिल होंगे। 
यह यात्रा 14 अप्रैल को राजस्थान-गुजरात के बॉर्डर रतनपुर पहुंचेगी, जहां से राजस्थान कांग्रेस सेवा दल इसका नेतृत्व करेगी। बताया जाता है कि 14 अप्रैल को गुजरात-राजस्थान बॉर्डर पहुंचने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, गहलोत सरकार के मंत्री-विधायक और पार्टी पदाधिकारी भी राजस्थान बॉर्डर पहुंचने पर यात्रा का स्वागत करेंगे और उसमें शामिल होंगे। 
14 अप्रैल को राजस्थान में प्रवेश करने के बाद गौरव यात्रा उदयपुर, बांसवाड़ा, नाथद्वारा, ब्यावर और अजमेर और जयपुर जिले में से होकर गुजरेगी। वहीं कांग्रेस सेवादल की गौरव यात्रा जयपुर जिले के भांकरोटा, जयपुर शहर,अचरोल, चंदवाजी, मनोहरपुर, शाहपुरा, पावटा, कोटपूतली, बहरोड, शाहजहांपुर बॉर्डर तक जाएगी। इसके बाद हरियाणा कांग्रेस सेवादल इसका नेतृत्व करेगी। आजादी की गौरव यात्रा के 41 दिनों की यात्रा के दौरान हर दिन 15 किलोमीटर का सफर तय होगा। कांग्रेस सेवा दल के कम से कम 100 कार्यकर्ता हर वक्त यात्रा के साथ मौजूद रहेंगे। प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के  मुताबिक 15 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद मार्ग में आने वाले गांवों-कस्बों और शहरों में रात्रि विश्राम किया जाएगा और अगले दिन सुबह 8 बजे से यात्रा फिर से शुरू हो जाएगी।यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता राजस्थान में जिन जिलों से यात्रा गुजरेगी उन जिलों और कस्बों में सरकार की फ्लैगशिप योजना और बजट घोषणा का प्रचार-प्रसार भी करेंगे और नुक्कड़ सभाओं के जरिए सरकार के कामकाज की प्रशंसा भी करेंगे।