जयपुर।
अभी कुछ समय पहले भगवत कथा के सफल आयोजन के बाद देवस्थान के अधीन प्रत्यक्ष प्रभार के मंदिरों में रामनवमी पर रामायण पाठ और हनुमान जयंती पर सुंदरकांड पाठ कराएगी। इस संबंध में शासन सचिव (देवस्थान) ने आदेश जारी किए हैं। देवस्थान आयुक्त करण सिंह ने सभी जिलों के सहायक आयुक्तों से जिलों के प्रत्यक्ष प्रभार के दो-दो मंदिरों की सूची मांगी है, जहां रामायण पाठ और सुंदरकांड पाठ कराए जा सकें।
इन मंदिरों में 10 अप्रैल को रामायण पाठ और 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर सुंदरकांड पाठ की आवश्यक व्यवस्थाएं भी कराने को कहा है। जयपुर में प्रत्यक्ष प्रभार का एक ही राम मंदिर होने से यहां रामगढ़ मोड स्थित मंदिर श्री रघुनाथ जी, राधानिवास में रामायण पाठ होंगे। पाठ 9 अप्रैल को शुरू होंगे, 10 अप्रैल को पूर्णाहुति होगी।
इसके लिए देवस्थान विभाग ने 8 पुजारियों को रामायण पाठ करने के लिए नियुक्त किया है। ये पुजारी अपने-अपने मंदिरों की सेवापूजा करने के साथ तीन-तीन घंटे का रामायण पाठ करेंगे। ये सभी पुजारी रात को मंदिर में ही रहेंगे। इनके अलावा रामनवमी के दिन रामायण पाठ की पूजा के लिए विशेष रूप से दो पुजारी उमाशंकर मिश्रा और मातृप्रसाद पुजारी को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अजमेर में धार्मिक चिह्न लगी झंडियां लगाने व बिना मंजूरी डीजे के प्रयोग पर रोक
इस बीच पुलिस ने अजमेर जिले में धारा 144 लागू कर दी है। इसमें सामाजिक सद्भाव व लोक शांति बनाए रखने के लिए धार्मिक प्रतीक चिह्न युक्त झंडियां लगाने, डीजे बजाने पर रोक लगा दी गई है।


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