डूंगरपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जब तक महिलाएं आर्थिक दृष्टि से मजबूत नहीं होंगी, प्रदेश विकास नहीं कर सकता हैं, इसलिए महिलाओं को सशक्त और आर्थिक रूप से मजबूत किया जाएं। यह बात ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग मंत्री रमेश चंद मीणा ने डूंगरपुर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित ‘समूह सम्बल संवाद‘ कार्यक्रम के दौरान कही।कार्यक्रम से पहले अतिथियोे ने समूह की महिलाओं द्वारा बनाये गए उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री मीणा ने महिलाओं से वन टू वन संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुनते हुए उनके समाधान हेतु निर्देश दिये।राजीविका से जुडी महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए कहा कि इससे उनकी आर्थिक उन्नति के साथ-साथ पालन पोषण में भी मदद मिल रही है और वें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैै वहीं महिलाएं सभी फ्लैगशिप योजनाओं के प्रति जागरूक होकर लाभ ले रही है। मीणा ने कहा कि समाज मे समानता लाने के लिए अब समूह केवल गरीब महिलाओं का ही बनेगा और उस समूह की अध्यक्ष भी वही महिला बने जो गरीब व वंचित हो तथा विकास के मुख्यधारा से अलग हो, इससे वह महिला खुलकर अपनी समस्या रख सकेगी। तभी सही मायने में इस योजना का लाभ गरीब महिलाओं को मिलेगा। राजीविका की महिलाएं ही सरकार की फ्लेगशिप व योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही धरातल पर जाकर विकास के कार्यो को देखेंगी। इससे सभी महिलाओं को काम मिलेगा। मंत्री मीणा ने महिलाओं को अपने बच्चों को शिक्षित करने का संकल्प दिलाया। इस मौके पर डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा ने कहा कि राजीविका से जुडने के बाद महिलाओं ने अपनी-अपनी सफलता की कहानी को साझा किया। इसे सुनने के बाद राजीविका योजना को शुरू करने का उद्देश्य सार्थक होता नजर आ रहा है।इस मौके पर उन्होंने मनरेगा के तहत काम 100 से 125 दिन करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शासन सचिव ग्रामीण विकास के.के. पाठक ने कहा कि राजीविका से जुड़ने के बाद महिलाओं की आर्थिक उन्नती तो हुई है। इसके साथ ही महिलाओं का सामाजिक विकास भी हुआ है और समाज के विकास में भागीदारी निभा रही है। उन्होने महिलाओं से कहा कि आप आगे चले हम आपके सहयोग के लिए सदैव आपके साथ है। साथ ही आय बढ़ाने के लिए महिलाओं को फलदार पौधे लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आप भी हमें स्वयं सुझाव दे, जिससे हम सुधार कर सकें। कार्यक्रम में डूंगरपुर जिला कलक्टर श्रीमति शुभम चौधरी ने कहा कि राजीविका से जुड़ने के बाद महिलाओं का कौशल विकास, आर्थिक उन्नती के साथ -साथ मानसिक विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता आई हैं। महिलाओं में अपने बच्चों को शिक्षा देने में जोर दे रहे है। यह भी राजीविका से जुड़ने के बाद बदलाव आया है। कार्यक्रम में राजस्थान अनुसूचित जाति विकास वित्त एवं विकास निगम अध्यक्ष शंकर यादव,प्रोजेक्ट डायरेक्टर हरदीप चोपड़ा, स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर सोमदत्त दीक्षित और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न पदाधिकारी और काफी संख्या में स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलाओं ने भाग लिया।
मंत्री बोले कोताही बर्दाश्त नहीं लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध होगी सख्त कार्यवाही।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश चंद्र मीना ने निर्देशित किया है कि राज्य सरकार की मंशा अनुरूप विभागीय योजनाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ क्रियान्वित करते हुए गुणवत्ता पूर्ण कार्यों को निश्चित समयावधि में पूर्ण किया जाएं। उन्होंने यह निर्देश डूंगरपुर जिला परिषद की डीपी सभागार में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेते हुए दिए। उन्होंने क्रियान्वित कार्यों की समीक्षा के दौरान कई कार्याे के पूर्ण होने में देरी, अपूर्ण कार्यों, गुणवत्ता में कमी तथा अनियमितताओं पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जो अधिकारी अच्छा कार्य करेंगे उन्हें विभाग द्वारा पूर्ण सहयोग एवं सराहना दी जाएगी और जो अधिकारी कर्मचारी कार्यों में कोताही बरतेंगे उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।बैठक के दौरान पंचायती राज विभाग मंत्री ने महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत जिले में नियोजित श्रमिक, जॉब कार्ड, वेज रेट, भुगतान जियो टैगिंग व्यक्तिगत कार्य कन्वर्जेंस तथा 2022-23 वित्तीय वर्ष हेतु स्वीकृत योजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी ली। ब्लॉकवार प्रगति की जानकारी लेते हुए ब्लॉक दोवड़ा एवं साबला पर अधिक फोकस करने के निर्देश प्रदान किए इसके साथ ही जिले में वन विभाग के माध्यम से नर्सरी प्रतीक फोकस करते हुए फलदार वृक्षों को लगाए जाने की बात कही। इसके साथ ही जिले में तालाबों को इस तरह से गहरा कराए जाने उसमें अधिक समय तक पानी का ठहराव हो सके जिससे कि लंबे समय तक उस पानी का उपयोग करते हुए यहां के निवासियों को लाभ हो सके के निर्देश प्रदान किए। बैठक के दौरान विधायक गणेश घोघरा, विधायक चौरासी राजकुमार रोत द्वारा कई जगहों पर तालाब अथवा एनीकट निर्माण के दौरान वन विभाग की जमीन होने पर आने वाली तकनीकी समस्या से भी अवगत कराया। इस अवसर पर शासन सचिव ग्रामीण विकास विभाग केके पाठक ने कहा कि इस तरह की तकनीकी समस्या आने पर नियमानुसार समाधान करते हुए वन विभाग को कार्यकारी एजेंसी बनाकर जनहित में कार्य करें। इसके साथ ही सिंचाई विभाग से बने तालाब पंचायत राज विभाग विभाग को देने के पश्चात बड़े कामों के निर्माण में आ रही समस्याओं का समाधान करते हुए निर्देशित किया कि जरूरी कार्यों को चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधि संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

0 टिप्पणियाँ