जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने विधानसभा में बताया कि अप्रैल-मई में नहरबंदी लेकर इंदिरा गांधी फीडर एवं इंदिरा गांधी मुख्य नहर की 67 किलोमीटर में रिलाईनिंग के कार्य करवायें जायेंगे। फरवरी 2022 तक 1273 करोड़ व्यय कर इंदिरा गांधी फीडर व मुख्य नहर में 77 किलोमीटर लंबाई में रिलाईनिंग कार्य तथा प्रथम चरण की वितरण प्रणाली में 1074 किलोमीटर लंबाई में कार्य कराये जा चुके है। शेष कार्य फरवरी 2025 तक पूर्ण करवाये जाने का लक्ष्य रखा है। इससे क्षेत्र के किसानों को लाभ मिलेगा। मालवीय ने इंदिरा गांधी नहर विभाग के वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन पर सदन में सदस्यों द्वारा रखे गए विचार के बाद जवाब दिया। उन्होंने बताया कि परियोजना अपने मुख्य उदेदश्य कृषि उत्पादों की बढ़ती हुई मांग की पूर्ति के लिए मरूस्थलीय क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना, क्षेत्र में अकाल से राहत तथा यहां के निवासियों के जीवन-यापन की स्थितियों में सुधार, पशुधन की पेयजल तथा चारे इत्यादि की आवश्यकतापूर्ति, रोजगार तथा सम्पूर्ण विकास के अवसर उपलब्ध कराना रहा। इसमें यह पूरे विश्व में अभूतपूर्व उदाहरण प्रस्तुत किया है। मालवीय ने बताया कि नहर की रिलाईनिंग का कार्य होने से इंदिरा गांधी फीडर की पूर्ण क्षमता रिस्टोर हो जायेगी, जिससे मानूसन के दौरान पाकिस्तान जा रहे पानी में से अधिकांश मात्रा के पानी का राजस्थान में उपयोग हो सकेगा। उन्होंने बताया कि विभाग को परियोजना की नहरों में स्काडा आधारित जल मापन व मॉनिटरिंग प्रणाली स्थापना सहित नहरों के प्रभावी रख-रखाव व संचालन से एकीकृत बहुआयामी सिंचित क्षेत्र विकास के लिए फरवरी 2020 में सीबीआईपी अवार्ड 2020 प्रदान किया गया। यह प्रणाली वर्ष 2010 में स्थापित की गई थी। वर्तमान में इस प्रणाली को अपग्रेड करने के लिए नेशनल हाइड्रोलॉजी प्रोजेक्ट अंतर्गत कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना में पेयजल योजनाओं के लिए पीएचईडी को वर्तमान में लगभग 1031 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। आगामी वर्षों में और अधिक आबादी तक पानी पहुंचाने की सैद्धांतिक सहमति भी पीएचईडी को प्रदान की जा चुकी है। मालवीय ने बताया कि राज्य सरकार के गत तीन बजट में विभाग को कुल 1469 करोड़ रूपये राशि के कार्यों की घोषणा की गई थी। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के लिए इस परियोजना की महत्ता के मध्यनजर परियोजना के प्रस्तावित लाभों एवं आ रही समस्याओं के निराकरण के लिए वर्ष 2022-23 में ही 2647 करोड़ राशि के कार्यों की घोषणाएं की गई है।उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 में लगभग 600 करोड़ रूपये लागत से इंदिरा गांधी फीडर, मुख्य नहर एवं वितरण प्रणाली के लगभग 300 किलोमीटर लंबाई में जीर्णोंद्धार के कार्य प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि परियोजना से पश्चिमी राजस्थान की मरू भूमि में सिंचाई जल उपलब्ध कराते हुए वर्ष 2020-2021 में लगभग 700 करोड़ रूपये का 40 लाख क्विंटल गेंहू, 1600 करोड़ रूपये का 34 लाख क्विंटल चना, 3000 करोड़ रूपये का 55 लाख क्विंटल सरसों, 1500 करोड़ रूपये का 30 लाख क्विंटल मूंगफली तथा 1500 करोड़ रूपये की 20 लाख क्विंटल रूई का उत्पादन हुआ है। उन्होंने बताया कि परियोजना पर विभाग द्वारा 6030 करोड रूपये राशि खर्च की गई है।

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