जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती ममता भूपेश ने विधान सभा में कहा कि सबला/ राजीव गांधी किशोरी बालिका सशक्तीकरण एवं पोषाहार योजना से अधिक से अधिक बालिकाओं को जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। श्रीमती भूपेश ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि सबला/ राजीव गांधी किशोरी बालिका सशक्तीकरण एवं पोषाहार योजना में वर्ष 2018-19 में कम खर्च हुआ है और यह पूर्ववर्ती सरकार के समय का मामला है। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद इस योजना में वर्ष 2019-20 में करीब 6 लाख रूपये आंवटित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण आंगबाड़ी केंद्र बंद थे और इस कारण योजना की धीमी गति रही, लेकिन अब योजना गति पकड़ रही है और व्यय भी बढ़ रहा है। इस वर्ष भी इस योजना के लिए अच्छा बजट आंवटित किया जाएगा। श्रीमती भूपेश ने कहा कि 11-14 वर्ष की स्कूल नहीं जाने वाले बालिकाओं को इस योजना से जोड़ने के लिए विभाग पूरा प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह योजना 11-14 वर्ष की स्कूल नहीं जाने वाले बालिकाओं को शिक्षित, सशक्त, आत्मनिर्भर एवं जागरूक करने के लिए पोषकीय एवं गैर पोषकीय सेवाओं से लाभांवित करने के लिए संचालित की जा रही है। योजना के माध्यम से स्कूल नहीं जाने वाली बालिकाओं को घर पर ही शिक्षित करने के प्रयास किये जा रहें हैं। इस दौरान विधान सभा अध्यक्ष डॉ. सी. पी. जोशी ने हस्तक्षेप कर कहा कि योजना का मूल उद्देश्य है स्कूल की जो ड्राप- आउट बालिकाएं हैं उन्हें स्वावलंबी बनाना है। इस लिए इस योजना पर अधिक ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। इस पर श्रीमती भूपेश ने विधानसभा अध्यक्ष व सदन को आश्वस्त किया कि हम पूरा प्रयास करेंगे कि योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा बालिकाओं को लाभांवित कर उनके सशक्तिकरण के लिए कार्य करें।इससे पहले श्रीमती भूपेश ने विधायक अमृत लाल मीणा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि विधानसभा क्षेत्र सलूम्बर में विगत 3 वर्षों में राजश्री योजनान्तर्गत वर्ष 2018-19 में 3 हजार 503 बालिकाओं को लाभांवित कर 87 लाख 57 हजार 500 रूपये का व्यय किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में 5 हजार 410 बालिकाओं को लाभांवित कर एक करोड़ 35 लाख 25 हजार और 2020-21 में 4 हजार 288 बालिकाओं को लाभांवित कर एक करोड़ 7 लाख 20 हजार रूपये व्यय किए गये हैं।.उन्होंने विधानसभा क्षेत्र सलूम्बर में विगत 3 वर्षों में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला एवं बालकों के कल्याण एवं उत्थान हेतु सीडीपीओ सलूम्बर प्रथम, सलूम्बर द्वितीय और सराड़ा के योजनावार वर्षवार आवंटित बजट एवं व्यय का पृथक-पृथक विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने महिला अधिकारिता निदेशालय द्वारा विधानसभा क्षेत्र सलूम्बर में संचालित योजनाओं का विवरण भी सदन के पटल पर रखा।

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