जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्य सचिव श्रीमती उषा शर्मा ने बच्चों की सुरक्षा और लड़कियों के स्वास्थ्य को लेकर चलाये जा रहें ’गुड टच-बेड टच’ तथा ’एनिमिया नियंत्रण’ के कार्यक्रमों को सम्पूर्ण राज्य में व्यापक सक्रियता के साथ चलाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने राज्य में प्लास्टिक मुक्त सकारात्मक वातावरण बनाने के प्रयासों को गम्भीरता से अपनाने पर भी जोर दिया। श्रीमती शर्मा शासन सचिवालाय में जयपुर, सीकर, झुन्झुनू और दौसा जिलों के जिला कलक्टरों द्वारा नवाचार प्रजेन्टेशन बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।
जयपुर प्लास्टिक मुक्त शहर के लिए हो प्रयास।
मुख्य सचिव ने जयपुर जिला कलक्टर द्वारा प्रस्तुत किये गए प्रजेन्टेशन के दौरान कहा कि ऐसे प्रयास हों कि आम जनता में प्लास्टिक को उपयोग न करने की आदत पड़ जाए। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल पर लगने वाले जुर्मानों का कड़ाई से पालन किया जाए। स्कूलों, कॉलेजाें में विद्यार्थियों को इसके लिए जागरूक करना होगा, साथ ही बच्चों की निगरानी कमेटी गठित कर प्लास्टिक के उपयोग को रोकने का प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि जब ओडीएफ फ्री ग्राम पंचायतें, बन सकती हैं तो प्लास्टिक फ्री शहर भी बनाये जा सकते हैं। इस दौरान जयपुर जिला कलेक्टर राजन विशाल ने प्रजेन्टेशन के माध्यम से बताया कि शहर में प्लास्टिक के विरूद्ध अनेक नवाचार किये जाने की कार्य योजना तैयार है। इसके लिए शहर के स्कूलों में ’इनवॉयरमेंट कॉर्नर’ बनाये जाऎंगे। बच्चे अपने घरों से इस्तेमाल किये प्लास्टिक के सामान यहां जमा करवाएंगे जिनका हर 15 दिनों में मानक प्रक्रियाओं के तहत निस्तारण किया जाएगा। सबसे अच्छे कार्य करने वाले स्कूल को पुरस्कृत भी किया जाएगा। प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग के खिलाफ जन जागरूकता फैलाने के लिए कैम्पेन, निबन्ध प्रतियोगिताएं आदि करवायी जाएंगी।
दौसाः स्कूलों में बनेगा ’बेटी कॉर्नर’।
अपने प्रजेन्टेशन में दौसा कलेक्टर कमर चौधरी ने बताया कि जिले में लड़कियों का सैक्स रेशों बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं, साथ ही लड़कियों के प्रति लोगों के भीतर सम्मान और आदर के भाव पैदा करने के लिए विशेष कैम्पेन चलाए जाऐगे। उन्होंने बताया कि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में ’बेटी कॉर्नर’ स्थापित किये जाऎंगे, जिनकी दिवारें पिंक कलर में होगी। यहां महिलाओं के कानूनी अधिकारों और राज्य सरकार की महिलाओं से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारियों को रखा जाएगा।
झुन्झुनूः 10 परिवारों की महिलाओं का स्वरोजगार सृजन के लिए चयन।
झुन्झुनू जिला कलक्टर लक्ष्मण सिंह कुड़ी ने अपने जिले में महिलाओं के कल्याण के लिए चलाए जाने वाले अनेक नवाचारों को प्रजेन्टेशन के माध्यम से बताया। उन्होंने कहा कि जिले की 337 ग्राम पंचायतों में से 16 हजार 850 परिवारों की 1 लाख महिलाओं को स्वरोजगार सृजन के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें से 10 महिलाओं का चयन कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। महिलाओं के प्रशिक्षण के लिए बैंकर्स और एनजीओ से वार्ता भी हो चुकी है।
सीकरः लीगल अवेयरनैंस कैम्प हर शनिवार को लगेंगे।
सीकर जिला कलक्टर अविचल चतुर्वदी ने जिले में किये जाने वाले नवाचारों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि स्कूलों में ’’चुप्पी तोड़ो’’ वर्कशॉप आयोजित की जा रही है। स्कूलों में हर शनिवार लीगल एवेयरनैंस कैम्पों के आयोजन में लड़कियों को उनके कानूनी हकों के संबंध में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोविड संक्रमण काल के दौरान ड्रॉप आउट हुई छात्राओं की विशेष मॉनिटरिंग की जा रही है। जिले में ब्लॉक स्तर पर ओपन जिम खोलने के प्रयास भी आरंभ हो गए है।बैठक में आयोजन विभाग के शासन सचिव नवीन जैन सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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