करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर टीबी मुक्त करौली के लिए क्षय रोग निवारण केन्द्र से एएनएम प्रशिक्षणार्थियों द्वारा रैली निकाल कर टीबी से बचाव और उपचार का संदेश दिया गया। रैली को सीएमएचओ डॉ दिनेशचंद मीना ने हरि झंडी दिखाकर रवाना किया और कार्यक्रम का आयोजन कर टीबी उन्मूलन में टीबी चैंपीयन की सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया और समन्वय के साथ समेकित प्रयास की अपेक्षा जताई गई।  इस दौरान पीएमओ डॉ. पूरणमल मीना, क्षय रोग अधिकारी डॉ विजयसिंह मीना, फीजिशियन डॉ. गोविंद गुप्ता डॉ जगमोहन मीना सहित टीबी यूनिट के कार्मिक मौजूद रहे।
विश्व क्षय रोग दिवस पर टीबी मुक्त भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए जन जागरूकता हेतू रैली निकाली गई। रैली ने शहर के प्रमुख मार्गो, टीबी संभावित शहरी क्षेत्रों में टीबी से बचाव और उपचार का संदेश प्रसारित किया और टीबी के लक्षणों से अवगत कराकर क्षय रोग की पहचान का सरल पहचान के लिए प्रेरित किया गया। सीएमएचओ डॉ मीना ने बताया कि टीबी मुक्त करौली अभियान के लिए 24 मार्च से 13 अप्रैल तक जिले में विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों के साथ ही टीबी की जांच, उपचार, परामर्श सेवाओं सहित, अनेक चिकित्सा प्रबंधन के कार्य संचालित किये जायेगें। उन्होने बताया कि टीबी जानलेवा रोग है और समय पर उपचार शुरू नहीं होने पर रोगी का अपना जीवन बचाना कठिन हो जाता है।

यह है टीबी रोग के लक्षण।
क्षय रोग अधिकारी डॉ. विजयसिंह मीना ने बताया कि लंबे समय तक सूखी खांसी आना, खांसी के साथ बलगम और खून आना, सांस लेने पर सीने में दर्द होना, बेचैनी और सुस्ती महसूस होना , भूख कम लगना और वजन घटना, रात में हल्का बुखार रहना और थकान सहित शरीर में दर्द होना टीबी के लक्षण है। इन लक्षणों के होने पर तुरंत चिकित्सा संस्थान पर दिखाकर बलगम की जांच कराये ताकि समय पर उचित उपचार द्वारा टीबी का इलाज संभव हो सके।