जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
साक्षरता एवं सतत शिक्षा निदेशक दीप्ति कछवाहा की अध्यक्षता में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिसमें विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। साक्षरता एवं सतत शिक्षा निदेशक ने बताया कि 1 अप्रैल 2022 से प्रारंभ होने जा रहा नव भारत साक्षरता कार्यक्रम एक पंचवर्षीय कार्यक्रम है तथा इसका मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र संघ की गाइडलाइंस के अनुसार 2030 तक देश के 15 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी महिला एवं पुरुषों को साक्षर बनाना है। इस कार्यक्रम हेतु भारत सरकार द्वारा 1037.9 करोड़ की राशि का प्रावधान रखा गया हैं। इस कार्यक्रम में प्रदेश में बालिका, महिला, दलित, आदिवासी, पिछड़ों, दिव्यांग, अल्पसंख्यकों एवं वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी । प्रथम चरण में 15 से 35 आयु वर्ग के असाक्षर नागरिकों को साक्षर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम तथा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग साक्षरता के प्रसार हेतु किया जाएगा। उन्होंने बताया की कार्यक्रम में साक्षरता के साथ पोषण, वित्तीय प्रबंधन, जीवन कौशल, व्यवसायिक शिक्षा, बाल स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा इत्यादि विभिन्न पहलुओं के समबन्ध में शिक्षा दी जाएगी जिसके लिए विभिन्न विभागों के सहयोग से कार्य किया जाएगा। बैठक में RSLDC, RAJIVIKA, DIPR सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।