कोटा ब्यूरो रिपोर्ट।
सांगोद के विधायक भरत सिंह अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर उंगली उठाते आए हैं। विधायक ने एक बार फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिख राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी संजय गुप्ता को बर्खास्त करने की मांग रख दी है। उनका कहना है कि संजय गुप्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें निलंबित किया गया है। यह निलंबन एक महिला उपनिरीक्षक से दुष्कर्म के मामले से संबंध रखता है।
ऐसी स्थिति में यह अधिकारी निलंबन नहीं नौकरी से बर्खास्त करने लायक है। उनका कहना है कि राजनीतिक जोड़-तोड़ से यह आरपीएस संजय गुप्ता बहाल होने के बाद पदोन्नति ले लेगा। इसके बाद में राजनीतिक जोड़-तोड़ से यह पुलिस अधीक्षक भी बन सकता है। भरत सिंह ने आरोप लगाया है कि सैकड़ों भ्रष्ट और चरित्रहीन पुलिसकर्मी पुलिस की वर्दी में जनता को ठगते हैं और महिलाओं की इज्जत से खेलते हैं। विधायक भरत सिंह ने अपने इस पत्र में सांगोद विधानसभा क्षेत्र में घटित हुई एक घटना का जिक्र किया है। उनका कहना है कि मैं 2008 से 13 तक राजस्थान सरकार में मंत्री था। इसी कार्यकाल के दौरान संजय गुप्ता सांगोद के पुलिस उप अधीक्षक पद पर तैनात थे। उस दौरान सांगोद विधानसभा क्षेत्र में टोल नाके के नजदीक एक लूट का मामला सामने आया था। इस मामले को तत्कालीन डिप्टी संजय गुप्ता ने रफा-दफा कर दिया था। तब भी मैंने सरकार के मंत्री होते हुए आपसे इस मामले के बारे में जिक्र किया था, लेकिन आपने मेरी एक बात नहीं सुनी और केस को रफा-दफा कर दिया।