जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान प्रदेश में 29 जिलाध्यक्षों और 400 ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों का इंतजार कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को बड़ा झटका लगा है। प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव प्रभारी और पूर्व सांसद संजय निरुपम ने साफ कर दिया है की जिलाध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति संगठन चुनाव के जरिए की जाएगी। ऐसे में जिला और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर चल रही कवायद पर ब्रेक लग गया है। अब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को करीब 6 महीने और 29 जिलाध्यक्षों और 400 ब्लॉक अध्यक्षों के बगैर काम करना पड़ेगा। ऐसे में कांग्रेस के संगठन चुनाव प्रभारी संजय निरुपम का यह बयान कांग्रेस के मिशन 2023 को भी झटका देने वाला है। जबकि पूर्व में कहा जा रहा था कि संगठन चुनाव की प्रक्रिया का जिलाध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन अब जिस तरह से संजय निरुपम का बयान सामने आया है वह कहीं न कहीं प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के लिए भी चिंता का विषय है।
जून में होंगे जिला- ब्लॉक अध्यक्षों के चुनाव।
दरअसल संगठन चुनाव के जरिए अब जिला और ब्लॉक अध्यक्षों के चुनाव जून माह में होंगे। 31 मार्च तक ऑनलाइन और ऑफलाइन सदस्यता अभियान चलेगा और उसके बाद पीसीसी मेंबर और एआईसीसी मेंबर के चुनाव होंगे और उसके बाद जिला और ब्लॉक लेवल पर संगठनात्मक नियुक्तियां होंगी।

राजस्थान कांग्रेस को मिला है 50 लाख का टारगेट।
वहीं संगठन चुनाव में राजस्थान कांग्रेस को 50 लाख सदस्य बनाने टारगेट दिया गया है। संजय निरुपम ने उम्मीद जताई है कि राजस्थान अपना टारगेट पूरा कर लेगा। निरुपम ने कहा कि जब भी राजस्थान को कोई टास्क दिया जाता है राजस्थान उस पर खरा उतरता है।

सितंबर माह में चुना जाएगा कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष।
इधर मीडिया से बातचीत में संजय निरुपम ने कहा कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया के बाद सितंबर माह में कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे देश में कांग्रेस संगठन चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने को लेकर उन्होंने कहा कि मैं अभी न्यूट्रल पद पर हूं। इसलिए राहुल गांधी को लेकर कुछ नहीं बोल सकता हूं। वैसे सबकी इच्छा है कि राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बनें।