जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने बजट में कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरी करते हुए पुरानी पेंशन स्कीम लागू कर दी है। राजस्थान सरकार की ओर से लिए गए इस निर्णय को अब कांग्रेस देशभर में मुद्दा बनाने जा रही है। शुक्रवार को राजस्थान के बजट को लेकर दिल्ली में बैठकर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने मीडिया को संबोधित किया। एआईसीसी मुख्यालय पर मीडिया को संबोधित करते हुए अजय माकन और गोविंद सिंह डोटासरा ने राजस्थान के बजट में कर्मचारियों के लिए लागू की गई ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की जानकारी दी। उन्होंने केंद्र और सभी राज्यों से कर्मचारियों के ओल्ड पेंशन स्कीम और नरेगा की तर्ज पर शहरी आबादी को काम देने की घोषणा करने की मांग की। साथ ही सभी राज्यों में राजस्थान की तरह ही कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की। इस दौरान कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में भी इन योजनाओं को लेकर सवाल किया गया तो अजय माकन ने कहा कि जब हम यह मांग केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से कर रहे हैं तो फिर उसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है। माकन ने कहा कि देशभर में किस प्रकार से शासन चलाया जाना चाहिए, उसका जीता जागता उदाहरण राजस्थान की गहलोत सरकार बन गई है। उन्होंने कहा कि देश भर में एक बड़ी मांग सरकारी कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम फिर से लागू करने की थी। जिसे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने बदलकर अपने ही कर्मचारियों को पेंशन देने से पल्ला झाड़ लिया था। माकन ने कहा कि दिल्ली से कांग्रेस पार्टी की ओर से यह मांग करते हैं कि जिस तरीके से राजस्थान में हमारी कांग्रेस सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम को को लागू किया है। वैसे ही केंद्र सरकार और दूसरी राज्य सरकारें भी तुरंत प्रभाव से ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करें। साथ ही अजय माकन ने यह भी आरोप लगाया की एनडीए हमेशा से सरकारी कर्मचारी विरोधी रही है। यही कारण है की सातवें वेतनमान के बाद केंद्र सरकार की ओर से यह कह दिया गया कि यह अंतिम वेतन मान होगा। जबकि कांग्रेस सरकार के समय यह प्रावधान था कि हर 10 साल में तीसरे साल नया पे कमीशन आता। जिसे छठे साल में लागू कर दिया जाता था।
शहरी आबादी को भी दी जाए मनरेगा की तरह जॉब गारंटी।
दिल्ली में अजय माकन और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने यह भी मांग की कि हमारे देश में तेजी से शहरीकरण हो रहा है। जैसे मनरेगा हमारे ग्रामीण इलाकों के अंदर है, उसी तरीके से राजस्थान के अंदर इंदिरा गांधी शहरी रोजगार स्कीम निकाली गई है। जिसमें 100 दिन का रोजगार राजस्थान में लोगों को मिलेगा। 800 करोड़ का खर्च राजस्थान सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि यह पूरे देशभर के लिए जरूरी है। जहां ग्रामीण इलाकों में रोजगार की गारंटी है तो शहरी क्षेत्र के लिए भी रोजगार गारंटी सुनिश्चित होनी चाहिए। माकन ने कहा कि जिस तरह से राजस्थान सरकार ने किसानों और घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को सब्सिडी के तौर पर राहत दी है। उसी तर्ज पर केंद्र और अन्य राज्य भी लोगों को राहत दें।

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