जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान पटवारी भर्ती परीक्षा परिणाम को लेकर मंचे हंगामे के बाद गहलोत सरकार ने आक्रोशित अभ्यर्थियों की नाराजगी दूर करने के लिए अहम फैसला किया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएमएसएसबी ) ने गुरुवार को नोटिस जारी कर कहा है कि रिजल्ट की नॉर्मलाइजेशन पद्धति को लेकर अभ्यर्थियों की जो भी शिकायतें हैं, उन पर एक्सपर्ट कमिटी द्वारा विचार किया जाएगा। चयन बोर्ड ने नोटिस में कहा, 'पटवार सीधी भर्ती 2021 के संबंध में अभ्यर्थियों के द्वारा नॉर्मलाइजेशन के संबंध में दिए गए ज्ञापन के मद्देनजर समीक्षा हेतु एक्सपर्ट कमिटी के समक्ष विचारार्थ रखा जाएगा।
आपको बता दें कि मंगलवार को आरएसएमएसएसबी पटवारी भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया था। भर्ती में 5610 पदों के लिए 11339 अभ्यर्थी दस्तावेज जांच के लिए पात्र घोषित किए गए। भर्ती परीक्षा 23-24 अक्टूबर को हुई थी। परीक्षा में रजिस्टर्ड 15.62 लाख अभ्यर्थियों में से 10.41 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे थे।
यह है अभ्यर्थियों की आपत्ति।
पटवारी भर्ती परीक्षा का रिजल्ट नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया से जारी किया है। आपको बता दें कि कि नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया कई शिफ्टों में हुए पेपर के प्रश्न पत्र की कठिनता के स्तर को एक लेवल पर लाने के लिए अपनाई जाती है। एसएससी और रेलवे भर्ती बोर्ड जैसी एग्जाम एजेंसियां भी ऐसा करती हैं। ये प्रक्रिया तब अपनाई जाती है जब एग्जाम अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा होने के चलते कई शिफ्टों में आयोजित होता है। पटवारी भर्ती परीक्षा के सैंकड़ों अभ्यर्थी कई कारणों से नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। पिछले दो दिन से लगातार ट्विटर पर अभियार्थी रिजल्ट को दुबारा से घोषित करने की मांग कर रहे है। अभियार्थियो द्वारा ट्विटर पर हैश टैग किया जा रहा है कि Patwar_Result_दोबारा_जारी_रो के साथ सीएम अशोक गहलोत को टैग करते हुए ट्वीट किए जा रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि चौथी शिफ्ट के परीक्षार्थियों के साथ अन्याय हुआ है। नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया से उनके काफी नंबर कट गए हैं जो पूरी तरह अनुचित है। परीक्षार्थियों का एग्जाम शिफ्ट में रेंडम आवंटन नहीं किया गया था। उन्हें अल्फाबेट के अनुसार आवंटन किया गया था। इसके अलावा करवा चौथ की वजह से परीक्षा से पहले अचानक लिए गए फैसले से 24 तारिख की सभी महिला अभ्यर्थियों की परीक्षा भी बदलकर 23 को कर दी गई थी। इसलिए चारों शिफ्ट के औसत अंकों की तुलना करना व्यर्थ है। कई अभ्यर्थियों ने ट्वीट कर रहा है कि उनके रॉ मार्क्स 221 से ज्यादा बन रहे हैं लेकिन उनका सेलेक्शन नहीं हुआ है।

0 टिप्पणियाँ