उदयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
पुलिस ने लाखों रुपए लूटकर फरार होने वाली लुटेरी दुल्हन को गिरफ्तार किया है। उदयपुर पुलिस ने लूटेरी दुल्हन के गिरोह के 5 लोग को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। ये जिन लोगों की शादी होने में परेशानी आ रही होती तो उसका पता करते थे। फिर शादी का झांसा देकर गहने और पैसे लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने गिरोह से जुड़ी दुल्हन संगीता उर्फ सोनू यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह कई उच्च वर्ग के लोगों को झांसे में ले चुका है। ऐसे में मोटी रकम जेवरात लेकर फरार हो जाते थे। गिरोह शादी करवाने पर एक पक्ष से लाखों रुपए लेते था। दुल्हन के साथ मां-बाप, भाई-बहन सब नकली होते थे। दुल्हन कुछ दिन घर पर रुकने का बहाना बनाकर लूट को अंजाम देती थी। इस पूरे मामले में दो महिलाओं और मुख्य सरगना गुलाब सिंह मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने दुल्हन संगीता यादव को चित्तौड़गढ़ के निंबाहेड़ा से गिरफ्तार किया है। पूछताछ पर संगीता यादव ने बताया कि उसके माता-पिता ने उसकी शादी 10 साल पहले अरविंद यादव के साथ कर दी थी, जो मध्य प्रदेश के सागर का रहने वाला था। शादी के चार-पांच साल बाद संगीता को एक लड़की हुई, जो अभी 6 साल की है लेकिन इसी दौरान संगीता के पति को कैंसर की बीमारी होने से उसकी मृत्यु हो गई। पति की मौत के बाद 1 साल तक अपने ससुराल शिकारपुर में रही। इस दौरान भरण-पोषण के लिए मजदूरी करने लगी। इस बीच उसकी मुलाकात गिरोह के सरगना गुलाब सिंह उर्फ राजकुमार से हुई। ऐसे में गुलाब सिंह ने मजदूरी से ज्यादा पैसे दिलाने का लालच दिया। गुलाब सिंह ने कहा कि उसके साथ अगर काम करेंगे तो भारी-भरकम पैसे मिलेंगे। ऐसे में संगीता ने जब उनसे काम पूछा तो उसने बताया कि एक बार शादी करने पर और 10 दिन किसी लड़के के साथ वापस रहकर आना होगा। ऐसे में शादी में जो पैसे मिलेंगे, उसमें 40 से 50 हजार रुपए दूंगा। जिसके बाद वह राजी हो गई। गुलाब सिंह उसकी पत्नी रंजनी गुलाब सिंह के परिचित रेखा ने मिलकर शादियां करने और करवाने का काम करने लगे। पिछले 8 से 9 महीने पहले पहली बार संगीता की शादी पाली में कराई, जहां एक दो दिन रहने के बाद संगीता वापस भोपाल चली आई। इसके बाद दूसरी शादी उदयपुर के सलूंबर में करवाई गई। इस दौरान उसने 4 शादियों को इस तरह से अंजाम दिया। आरोपी संगीता ने बताया कि गुलाब सिंह शादियां करवाने के नाम पर ढाई से 3 लाख रुपए लेता था। जिसमें से दुल्हन को 50 हजार रुपए मिलते थे।