जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
देश के लोकतंत्र को मजबूत करने को लेकर 26 जनवरी 1950 को देश का संविधान स्थापित किया गया था। इस संविधान के तहत सभी की जिम्मेवारियां, कर्तव्य और कार्यो को लेकर संविधान के स्वरूप में कानून की स्थापना की गई थी। जिससे देश के प्रत्येक नागरिक को संरक्षण, सुरक्षा और अधिकार उस संविधान के तहत प्राप्त हो सके। कोई भी नागरिक किसी भी नागरिक के साथ धोखेबाजी और खिलवाड़ ना कर सके। इन्ही बातों को ध्यान में रखकर देश मे गणतंत्र की स्थापना की गई थी किन्तु वह धीरे-धीरे अब विलुप्त होती जा रही है। संयुक्त अभिभावक संघ ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजस्थान सरकार से गणतंत्र दिवस का प्रोपोगंडा ना रचकर गणतंत्र का सम्मान करने सहित 9 महीनों पहले 03 मई 2021 और 1 अक्टूबर 2021 को निजी स्कूलों की फीस मसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था, उस आदेश को राजस्थान के सभी निजी स्कूलों में लागू करवाने की मांग पिछले 9 महीनों से प्रदेशभर का अभिभावक लगातार कर रहा। किन्तु आज तक भी राज्य सरकार ने अभिभावकों को मांगों को स्वीकार नही किया। बल्कि 30 जुलाई 2021 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना सुनिश्चित करवाने की मांग को लेकर शिक्षा संकुल पर संयुक्त अभिभावक संघ के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों को ना केवल झूठे केस में फंसाया गया, बल्कि अभिभावकों की आवाज को दबाने के लिए तत्कालीन शिक्षा राज्य मंत्री और निजी स्कूलों के आदेश पर बजाज नगर थाने द्वारा अभिभावकों पर गैरजिम्मेदाराना तरिके से लाठीचार्ज तक कर खदेड़ा गया और इस दौरान संघ के अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू, जयपुर जिला अध्यक्ष युवराज हसीजा सहित 3 अन्य अभिभावकों को गिरफ्तार कर झूठे केस में फंसाया गया और चार दिनों तक थाने और जेल के चक्कर कटवाकर अभिभावकों की आवाज को दबाने की साजिश रची गई। प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि " राज्य सरकार गणतंत्र दिवस के अवसर पर समारोह के आयोजन कर जनता को गुमराह कर रही है और राजस्थान की जनता को धोखा दे रही है। राजस्थान सरकार को गणतंत्र दिवस के अवसर दिखावा करने की बजाय गणतंत्र का सम्मान करें और कानून में जनता व अभिभावकों को अधिकार मिले है उसकी पालना सुनिश्चित करवाये। सुप्रीम कोर्ट का आदेश आये हुए आज 9 महीनों से अधिक का समय बीत चुका है। किंतु राजस्थान सरकार और प्रशासन अभी तक सुप्रीम कोर्ट तक के आदेश का सम्मान तक नही कर सकी है। वह सरकार प्रदेश की जनता और अभिभावकों का क्या सम्मान करेगी। प्रदेश के अभिभावकों की इस गणतंत्र दिवस पर अभिभावकों की एकमात्र यही मांग है की राज्य सरकार केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना सुनिश्चित करवाये अन्यथा अगले वर्ष होने वाला चुनाव इसी मुद्दे पर होगा। जिसका परिणाम राजस्थान की कांग्रेस सरकार और अशोक गहलोत को भुगतना होगा।