जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
हरिद्वार में पिछले दिनों आयोजित धर्म संसद में भड़काऊ भाषण मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। गहलोत ने कहा कि भड़काऊ और हिंसा के लिए उकसाने वाले भाषणों के वीडियो वायरल होने के बावजूद प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर चुप्पी साधे बैठे हैं। ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए। सीएम गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि उत्तराखण्ड के हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर को आयोजित हुए एक कार्यक्रम में भड़काऊ और हिंसा के लिए उकसाने वाले भाषणों के वीडियो वायरल होने के बावजूद अभी तक कोई गिरफ्तारी ना होना शर्मनाक है। इस मामले में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री चुप्पी साधे बैठे हैं। हमारे देश में कुछ उपद्रवी तत्व एक समुदाय के लोगों की हत्या करने की बात कहें, पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई ना हो। इससे लगता है कि बीजेपी शासित राज्यों में जंगलराज की स्थिति बन गई है। दुनिया में जहां भी नरसंहार हुए, वहां पहले ऐसे ही भड़काऊ भाषण हुए, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।गहलोत ने कहा कि सभी नागरिकों को भी तय करना होगा कि क्या ऐसे हिंसक और हत्या के लिए उकसाने वाले लोग किसी धर्म के प्रतिनिधि हो सकते हैं? क्या इन उपद्रवियों पर एक्शन लेने से बचने वाली सरकारों को शासन में रहने का कोई हक बचता है? ये देश को किस स्थिति में ले जाना चाहते हैं? गहलोत ने कहा कि अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान लेकर इन उपद्रवियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

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