जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजधानी जयपुर मे जाट समाज का प्रतिभा सम्मान समारोह रविवार को आयोजित हुआ। जहां 500 से अधिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में किसान नेता राकेश टिकैत ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन कोई चुनाव नहीं लड़ रहा है। यूपी चुनाव का फैसला आचार संहिता लगने के बाद किया जाएगा। वहीं राजनीति में जाने को लेकर पूछे गए सवार पर उन्होंने कहा कि वे राजनीति में नहीं जा रहे हैं।कृषि बिलों को रद्द करने के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की 13 महीने की ट्रेनिंग हो गई है। सरकार ने कहा है कि अब कोई भी कानून या किसान हित के फैसले लिए जाएंगे उनकी जानकारी किसानों को दी जाएगी। वहीं पंजाब में संयुक्त किसान मोर्चा के चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा कोई चुनाव नहीं लड़ रहा है। राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन के बाद चार महीने के लिए किसान घूमने के लिए जा रहे हैं, तो इसमें हम क्या कर सकते हैं। जो किसान घूमने के लिए गए हैं उससे चार महीने बाद हिसाब-किताब लिया जाएगा। पंजाब में चुनाव लड़ने की घोषणा करने वाले लोगों से हमारा कोई संबंध नहीं है। हमारी 15 तारीख को मीटिंग है। उसके बाद ही पूरी जानकारी दी जाएगी। कृषि मंत्री के एक कदम पीछे लेने और दो कदम आगे जाने के बयान को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि किसान भी यहीं हैं और सरकार भी यही है। इनसे भी बात कर ली जाएगी। राजनीति में जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि यह सब मीडिया की फैलाई हुई बातें हैं। मुझे राजनीति में नहीं जाना है। वहीं कांग्रेस के इशारे पर आंदोलन करने के सवाल पर टिकैत ने कहा कि आंदोलन किसी के इशारों पर नहीं चलता। यह आंदोलन 386 दिनों तक चला। कांग्रेस खुद से तो कोई आंदोलन कर नहीं सकती। वहीं राकेश टिकैत ने कहा यूपी सहित पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन आचार संहिता के बाद ही अपने पत्ते खोलेगी। किसान किंग मेकर की भूमिका में रहेगा। लखीमपुर खीरी में कि गाड़ी से कुचलकर किसानों की मौत के मामले में राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार भारतीय किसान यूनियन की मांग को अनसुना कर रही है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है। अभी तक केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को हटाया नहीं गया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले में कहा है कि जानबूझकर किसानों की हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि एमएसपी पर कानून बनाने के लिए सरकार की ओर से कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी अपना काम करती रहेगी। किसान कमेटी पर नजर रखेगा। राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों का आंदोलन एक साल से ज्यादा चला। अगर केंद्र में किसी और पार्टी की सरकार होती तो किसानों का आंदोलन लंबा नहीं चलता।उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां तो सब कुछ मोदी ही हैं। क्योंकि भाजपा के विज्ञापन में भी यही छपता है, अबकी बार मोदी सरकार। यदि केंद्र में बीजेपी की सरकार होती तो हमारी मांग पहले ही मान ली जाती। साथ ही उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार ने भी किसानों का कर्जा 10 दिन में माफ करने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक किसानों का पूरा कर्जा माफ नहीं हुआ है। इस संबंध में गहलोत सरकार से बात की जाएगी।