चितौड़गढ़ ब्यूरो रिपोर्ट।
चित्तौड़गढ़ जिले के भैंसरोडगढ़ थाना क्षेत्र में आजीवन कारावास का सजायाफ्ता एवं फरार बंदी की हत्या का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि जिस व्यक्ति की इसने हत्या की थी उसी के पुत्र ने अपने भाई के साथ मिल कर इस वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने आरोपियों को नामजद करते हुए उनके खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।भैंसरोडगढ़ थानाधिकारी संजय गुर्जर ने बताया कि भैंसरोड़गढ़ थाना क्षेत्र के गिरिडीया गांव में एक व्यक्ति की हत्या होने की जानकारी रविवार को थाने पर मिली। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची तो मृतक की पहचान दीपा उर्फ दीपचंद पुत्र पेमा भील के रूप में की गई। पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि दीपा गांव के ही रहने वाले छितर भील नाम के व्यक्ति की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। लेकिन इसका व्यवहार अच्छा होने के कारण इसे बीकानेर जिले में खुले बन्दी शिविर (ओपन जेल) बीछवाल में शिफ्ट कर दिया गया था। यहां से यह गत 29 अक्टूबर को फरार हो गया था। बीकानेर पुलिस ने चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस तथा भैंसरोड़गढ़ पुलिस को इसकी सूचना दी थी। इसके बाद इसकी तलाश भैंसरोडगढ़ थाना पुलिस कर रही थी, लेकिन यह हाथ नहीं लग पाया। इसी बीच रविवार को इसकी हत्या होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस छीतर भील की इसने हत्या की थी उसी के पुत्र कालू और भैरू के साथ इसका झगड़ा हुआ था जिसके बाद यह घर चला गया जहां इस का शव बरामद हुआ है। पुलिस ने हत्या के मामले में भैरू और कालू भील को नामजद करते हुए उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। हत्या के मामले में फरार दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है।

0 टिप्पणियाँ