करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
करौली मे  सीएचए (स्वास्थ्य सहायक) के पद पर नियुक्त हुए कार्मिकों ने वेतन दिलाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर करौली जिला मुख्यालय पर आक्रोश रैली निकाल कर अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया है कि मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा संविदा कर्मियों के नियमितीकरण को लेकर घोषणा की गई थी कि संविदा कर्मियों को लेकर नियम बनाए जाएंगे और ऐसे कर्मियों का कैडर बनाया जाएगा। राजस्थान में लगभग 25000 कोविड स्वास्थ्य सहायक हैं जो कोरोना काल में भी वैक्सीनेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्हे भी प्रदेश के कोविड स्वास्थ्य सहायकों को भी इस संविदा कैडर में शामिल किया जाए साथ ही नियमितीकरण किया जाए।

कोविड स्वास्थ्य सहायक जीतू शुक्ला और राजीव मीना ने बताया कि कोविड स्वास्थ्य सहायकों का वेतन 7900 रुपए से बढ़ाकर 26,500 रुपए किया जाए। सीएचए का मासिक मानदेय सीधे ही स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम से किया जाए। अतिरिक्त लगने वाली ड्यूटी का मानदेय दिया जाए। कोविड़ स्वास्थ्य सहायक पद नाम परिवर्तन कर नर्स ग्रेड द्वितीय किया जाए।कोविड़ स्वास्थ्य सहायक का 50 लाख  रुपये का स्वास्थ्य बीमा किया जाए।करौली जिले के कोविड़ स्वास्थ्य सहायको को पदस्थापन से लेकर अब तक एक बार भी मानदेय नहीं मिला है जिसके कारण सभी स्वास्थ्य सहायक आर्थिक व मानसिक परेशानी से जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सहायक अगस्त माह से निरंतर कोरोना वैक्सीनेशन का कार्य कर रहे हैं पहले की तुलना में करौली जिले में वैक्सीनेशन का अनुपात भी बड़ा है फिर भी स्वास्थ्य सहायकों पर ही काम का दबाव बनाकर नोटिस जारी किया जा रहा है जो गलत है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम जिला एसडीएम और तहसीलदार को सौपे गए ज्ञापन के दौरान वरुण चतुर्वेदी, सुनीता सैनी, राजीव मीणा, रेखा, कैलाश, रंजना, राजकुमार, कमलेशी, सपना,भूपेंद्र, रामू, सहित अनेक कोविड़ स्वास्थ्य सहायक संविदा कर्मी उपस्थित रहे।