1-जनवरी

सुख सुविधा की कदमताल हो 

नये नोट सी कड़क चाल हो

करता हूँ बस यही कामना

मंगलकारी नया साल हो 


जब जब तुम आवाज़ लगाओ 

ख़ुशियाँ दौड़ी दौड़ी आएं 

जागो तो आँखें हँसती हों 

नींदों में सपने मुस्काएं 

जो कुछ भी तुमने हो सोचा

नये साल में बहरहाल हो 


करते हो व्यापार अगर तुम 

तो उसमें शुभ लाभ सदा हो 

और अगर करते हो सेवा 

तो उसमें इक अलग अदा हो 

जो भी तुमसे मिल कर लौटे 

उसका ऊँचा सदा भाल हो 


गत वर्षों में जो भी तुमने 

दुख झेले या कष्ट उठाये 

उनकी यादें ही मिट जायें 

जीवन इतनी ख़ुशियाँ पाये 

कोई गर दुख देना चाहे 

गले न उसकी कभी दाल हो 


बस इतना सा करूँ निवेदन

अहम भरी आवाज़ न करना 

मनचाहा सब पा जाओ तो 

अपनों को नाराज़ न करना 

सच की सीधी राह चलो तुम

फिर देखो तो क्या कमाल हो 


करता हूँ बस यही कामना 

मंगलकारी नया साल हो

©️✍️ लोकेश कुमार सिंह 'साहिल'