भरतपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
भरतपुर जिले मे बहुचर्चित नाबालिग कुकर्म मामले में फरार आरोपियों की तलाश के लिए भरतपुर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम गठित कर दी है। पुलिस टीम फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इधर आरोपी जज जितेंद्र गुलिया के बयान लेने के लिए अनुसंधान अधिकारी सीओ सिटी सतीश वर्मा टीम के साथ जयपुर गए हैं। दरअसल पीड़ित परिवार अभी भी आगरा में रिश्तेदारों के यहां पर है। पीड़ित किशोर के मंगलवार को भी न्यायालय में 164 के बयान नहीं हो पाए। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार विश्नोई ने बताया कि कुकर्म मामले के फरार आरोपी लिपिक राहुल कटारा और अंशुल सोने की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है। पुलिस टीम दोनों फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही आरोपी जज जितेंद्र से पूछताछ और अनुसंधान के लिए अनुसंधान अधिकारी सीओ सिटी सतीश वर्मा मय टीम के जयपुर में डटे हुए हैं। इधर बाल कल्याण समिति अध्यक्ष गंगाराम पाराशर एवं सदस्यों ने राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल के निर्देश पर पीड़ित परिवार से घर पर जाकर मुलाकात करने का प्रयास किया। लेकिन घर पर परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला। पीड़ित परिवार के घर पर सुरक्षा में तैनात आरएसी जवानों ने बताया कि सोमवार से घर पर परिवार का कोई सदस्य नहीं आया। इसके बाद बाल कल्याण समिति सदस्यों ने पीड़ित परिवार से फोन पर संपर्क किया। परिवार ने जल्द ही समिति से मुलाकात करने की बात कही है।
ये है पूरा मामला।
आपको बता दे, कि जज जितेंद्र गुलिया और दो लिपिक राहुल कटारा एवं अंशुल सोनी ने 7वीं कक्षा के 14 साल के किशोर के साथ कुकर्म की घटना को अंजाम दिया था। घटना के बाद जहां दोनों लिपिक फरार हैं, वहीं आरोपी जज जयपुर में है। पीड़ित परिवार ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर सुरक्षा की मांग की और भरतपुर से पलायन कर उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में अपने रिश्तेदारों के यहां आसरा ले लिया। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार के घर पर सुरक्षा के लिए आरएसी के 5 जवान तैनात कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन बीते 2 दिनों से पीड़ित परिवार के न्यायालय में 164 के बयान दर्ज कराने का प्रयास कर रहा है। लेकिन पीड़ित परिवार अभी तक आगरा में अपने रिश्तेदारों के यहीं पर रुका हुआ है।

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