केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की शिकायत पर इसी साल 25 मार्च को OSD लोकेश शर्मा और पुलिस अफसरों के खिलाफ फोन टैपिंग, ऑडियो वायरल करके छवि खराब करने के मामले में केस दर्ज किया था। लोकेश शर्मा ने इस FIR को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी हुई है। हाईकोर्ट में अब तक तीन बार सुनवाई हो चुकी है, हाल ही लोकेश शर्मा को 13 जनवरी तक हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर राहत मिली है। 13 जनवरी तक दिल्ली क्राइम ब्रांच लोकेश शर्मा को गिरफ्तार नहीं कर सकती लेकिन पूछताछ हो सकती है।
अब तक किसी से पूछताछ नहीं
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दूसरी बार नोटिस जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है। इससे पहले 24 जुलाई को बुलाया था। लोकेश शर्मा से पहले सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी को 24 जून को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उन्होंने उम्र का हवाला देते हुए पूछताछ के लिए जाने से इनकार कर दिया था।
पायलट खेमे की बगावत से शुरू हुआ था फोन टैपिंग विवाद
पिछले साल जुलाई में सचिन पायलट कैंप की बगावत के बाद गहलोत खेमे ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाते कुछ ऑडियो टेप वायरल किए थे। जिसमें केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा के साथ गहलोत सरकार को गिराने के लिए सौदेबाजी का आरोप लगाया गया था। पायलट खेमे से सुलह के बाद यह मामला ठंडा पड़ गया था। लेकिन इस साल मार्च में यह मामला फिर गर्म हुआ, जब बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ के एक सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने माना कि विधिक प्रक्रिया अपनाकर सरकार ने कुछ लोगों के फोन टैप किए हैं।
इस मुद्दे पर विधानसभा के बजट सत्र में जमकर हंगामा हुआ था, ससंद में भी यह मामला गूंजा। विधानसभा में ससंदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने माना था कि मुख्यमंत्री के OSD ने ऑडियो वायरल किए थे। बीजेपी शुरू से ही इन वायरल ऑडियो के सोर्स के बारे में पूछते हुए सरकार पर फोन टैपिंग के आरोप लगा रही है। इसके बाद मार्च में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह ने दिल्ली पुलिस को शिकायत दी जिसके आधार पर दिल्ली क्राइम ब्रांच ने CM के OSD और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
सात महीने से नोटिस से ज्यादा कुछ नहीं हुआ केस में
दिल्ली क्राइम ब्रांच को केस दर्ज किए सात महीने होने को है लेकिन अब तक इसमें खास प्रगति नहीं हुई है। अब तक CM के OSD से लेकर किसी से भी पूछताछ नहीं हुई है। दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है, अब अगले साल ही इस पर फैसला होने की संभावना है।

0 टिप्पणियाँ