अपहरण के बाद हत्या के प्रकरण में लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद भावण्डा के ग्रामीणों ने धरना उठा लिया । ग्रामीण पिछले चार दिन से शव के साथ थाने में प्रदर्शन कर रहे थे। यहां पीड़ित पक्ष के साथ धरने पर सांसद हनुमान बेनीवाल, विधायक नारायण सहित सैकड़ों लोग डटे थे।
IGP ने इस मामले में SHO शंकरलाल मीणा व ड्यूटी ऑफिसर भगवानाराम को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, 6 पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया है। ग्रामीणों ने 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए धरना उठा लिया है। चेतावनी दी है कि अगर सात दिन में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन उग्र होगा।
इससे पहले लोग थाने में शव के साथ बैठे रहे। शनिवार देर रात आईजी की ग्रामीणों एवं सांसद के साथ हुई वार्ता के बाद मामला शांत हुआ। आईजी ने कहा कि आरोपियों काे जल्द से जल्द सजा मिले इसके लिए इस मामले काे केस ऑफिसर स्कीम में भी लिया जाएगा। इस प्रकरण की जांच विजिलेंस के एएसपी से भी करवाई जाएगी। उधर, सूचना है कि पुलिस ने एक आरोपी काे भी हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है।
पांच माह पहले हुई युवक की शादी
ग्रामीणों एवं परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सुनील सामान्य परिवार से है। उन्होंने बताया कि सुनील की पांच महीने पहले ही शादी हुई थी। उसकी मौत के बाद परिवार में मातम पसर गया है। एक अक्टूबर को सुनील धर्मकांटे के पास कमरे में बैठा था। तभी 20-25 जने आए और सुनील पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। आरोपियों ने सुनील पेचकस से वार कर और ड्रिल मशीन से शरीर में छेद कर हत्या कर दी थी।
चौथे दिन देर रात तक किया प्रदर्शन
इससे पहले दिनभर भावण्डा थाने में ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। शाम काे अजमेर रेंज आईजी भावण्डा पहुंचे, जहां उन्होंने चर्चा की। साथ ही धरना खत्म करने का आह्वान किया, लेकिन बात नहीं बनी। रात साढ़े दस बजे बाद पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होने पर सात दिन के लिए स्थगित करने की घोषणा की गई। सांसद बेनीवाल ने बताया कि इस बीच अगर पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है प्रदर्शन होगा और आंदोलन उग्र किया जाएगा। उनका कहना था कि पुलिस की सभी सूचनाएं लीक हाे रही हैं जाे आरोपियों तक पहुंच रही हैं। इससे आरोपी भाग जाते हैं। पुलिस काे जड़ तक पहुंचने की जरूरत है। अगर पुलिस ऐसा करेगी ताे आरोपी 12 घंटों में पुलिस के हत्थे चढ़ सकेंगे। लोगों में इस बात को लेकर रोष था कि वारदात के 17 दिन बीत जाने और पुलिस की छह टीमें बनाने के बाद भी आरोपियों को पुलिस क्यों नहीं पकड़ सकी है। वार्ता में तय हुआ कि मृतक के परिवार को 21 लाख का सहयोग दिया जाएगा। 5 लाख रुपए पीड़ित प्रतिकर स्कीम में राज्य सरकार देगी और शेष 16 लाख रुपए जनप्रतिनिधि देंगे।
ये था मामला
मृतक के पिता शिवराम ने बताया कि बेटा सुनील 1 अक्टूबर को रात 9 बजे मानकपुर चौराहे स्थित गिरधर धर्म कांटे में बैठा था। उसके साथ धर्म कांटा मालिक राजू भड़ियार, जयपाल भड़ियार, महिपाल और रामलाल भी बैठे थे। तभी वहां 3 गाड़ियों में 20-25 लोग हाथों में लाठी-सरिए लेकर आए। उन्होंने गाड़ी से उतरते ही सुनील पर हमला बोल दिया। हमलावर सुनील के साथ मारपीट करते हुए उसे गाड़ी में डालकर अपने साथ ले गए। इसके बाद अधमरी हालत में सुनील को राधिका भट्टे के पास फेंककर भाग गए। जाने से पहले आरोपियों ने सुनील के हाथ से 2 सोने की अंगूठियां, 18 हजार कैश और गाड़ी के कागजात भी ले लिए। सुनील के पिता ने बताया था कि बेटे ने एक व्यक्ति को 3 लाख 50 हजार रुपए उधार दिए थे। इसी लेनदेन में सुनील की हत्या की गई। उसे जोधपुर और बाद में अहमदाबाद रेफर कर दिया गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी।



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