जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान को डेंगू मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और सभी संबंधित विभागों को मुस्तैदी और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि 20 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक ‘डेंगू मुक्त राजस्थान’ अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि राज्य सरकार डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर सहित अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर पूरी तरह सजग और गंभीर है और इनके उपचार के सभी प्रभावी उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू मुक्त राजस्थान के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी मुस्तैदी से जुट जाएं। सीएम गहलोत ने कहा कि डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों पर काबू पाने के लिए राज्य में 20 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक ‘डेंगू मुक्त राजस्थान’ अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सीएम ने चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय से जुटने के निर्देश दिए हैं। गहलोत ने कहा कि अभियान के दौरान फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव पूरी मुस्तैदी से संचालित किया जाए। नगरीय इलाकों के साथ-साथ गांव-ढाणियों में भी मच्छरों को नष्ट करने के लिए फॉगिंग की जाए। घरों के आसपास मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन जिलों में मौसमी बीमारियों का प्रकोप अधिक है, वहां स्थानीय चिकित्सा प्रशासन की सहायता के लिए नोडल ऑफिसर भेजे जाएं। साथ ही अभियान के दौरान लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जाएं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी जिलों में 24 घंटे कार्यरत कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। साथ ही रैपिड रेस्पांस टीमों के गठन के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों और सीएचसी-पीएचसी में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। दवा वितरण केंद्रों पर भी दवा के वितरण और भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था है। मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए पानी के ठहराव वाले स्थानों पर एमएलओ (मॉस्किटो लार्विसाइड ऑयल) दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। गहलोत ने कहा कि मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए प्रदेशवासियों का जागरूक रहना भी बहुत जरूरी है। गहलोत ने कहा कि सावधानी बरती जाए तो इन बीमारियों का प्रमुख कारण मच्छरों को पनपने से रोका जा सकता है। पूरी आस्तीन वाले कपड़े पहनें। उन्होंने कहा कि डेंगू के मरीज डॉक्टर की देखरेख में दवाएं लेकर ठीक हो सकते हैं। बुखार आने पर घबराएं नहीं, तुरंत नजदीकी चिकित्सक को दिखाएं और समय पर उपचार लें। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अपने घर और आसपास कूलर, खुली टंकियों, परिंडे आदि में व्यर्थ जमा पानी को खाली कर दें। कहीं पानी का जमाव हो तो वहां सप्ताह में एक बार केरोसीन, जला हुआ ऑयल या कोई भी तेल डालें ताकि मच्छरों के अंडे और लार्वा नष्ट हो जाएं। उन्होंने आह्वान किया है कि हम सभी राज्य सरकार के प्रयासों में सहयोग कर और सावधानी बरतते हुए प्रदेश को डेंगू मुक्त बनाएं।

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