नागौर से शबिक उस्मानी।

नागौर  पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते  हुए जाली नोटों के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जानकारी के मुताबिक जिले की लाडनू पुलिस थानाधिकारी राजेन्द्र कमांडो को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इलाके में बड़े पैमाने में नकली नोट बाहर से लाकर बाजार में चलाए जा रहे है। सीआई राजेन्द्र कमांडो ने एएसपी विमल नेहरा और एसपी अभिजीत सिंह से इस बारे में निर्देश लिए और कार्रवाई को गोपनीय रखते हुए ऑपरेशन क्लीन नाम से ऑपरेशन चलाया ।पुलिस ने कामयाबी हासिल करते हुए नकली नोट चलाने वाले  गिरोह का खुलासा किया है । एसपी अभिजीत सिंह ने बताया की पुलिस ने नकली नोट चला रहे लाडनू निवासी बुंदु खान को मामले में गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से 1.97 लाख के नकली नोट भी बरामद कर लिए है। एसपी ने बताया की नकली नोटों के कारोबार का मास्टरमाइंड लाडनू के जावाबास निवासी रफ़ीक़ खान  SOG की गिरफ्त में है और रफ़ीक आरोपी बुंदु ,की बहन का जेठ है। वहीं इस बार ये अपना अवैध कारोबार कोडवर्ड से चला रहे थे। इसके लिए इन्होने नकली नोटों की खेप को 'कचरा' कोडवर्ड नाम दिया सूत्रों के मुताबिक नकली नोटों की ये खेप बांग्लादेश और खाड़ी देशों से शेखावाटी के रास्ते नागौर पहुंच रही थी। इस कारोबार की जानकारी मिलते ही अजमेर रेंज IG एस सेंगथिर और नागौर SP अभिजीत सिंह ने लाडनू CI राजेंद्र कमांडो के नेतृत्व में स्पेशल टीम का गठन किया गया। जिसमें सीआई राजेन्द्र सिंह कमांडो, साइबर एक्सपर्ट गजेंद्र सिंह के साथ स्टाफ के, रामधन ,बाबू लाल, किरण , मीनाक्षी,प्रेमचन्द, जल सिंह,गोपाल, जीतेन्द्र को शामिल किया गया। इसके बाद इस पुरे कार्रवाई को अंजाम देने वाली इस कार्रवाई को ऑपरेशन क्लीन नाम दिया गया। पिछले तकरीबन 20 दिनों से लाडनू CI राजेंद्र कमांडो के नेतृत्व में पुलिस टीम इस कारोबार पर नजर बनाये हुई थी। इसके बाद देर रात लाडनू में कार्रवाई को अंजाम देते हुए इस कारोबार के आरोपी को जाली नोटों की खेप के साथ पकड़ लिया। एसपी अभिजीत सिंह ने बताया कि जाली नोटों का यह कारोबार 500 और 2000 के नकली नोट बाजार में सप्लाई करके चलाया जा रहा था । उन्होंने आमजन के लिए नकली नोट और असली नोट के बीच का फर्क भी  बताया  और कहा की नकली नोट में बीच में आरबीआई की तरफ से नोट के बीच मे आने वाली पट्टी अधूरी है इसके साथ ही नोट के सफेद भाग में वाटर मार्क नकली नोट में गायब है।