कोटा ब्यूरो रिपोर्ट।
कोटा के रामगंजमंडी विधायक मदन दिलावर मांडा पंचायत में प्रशासन गांव के संग आयोजित शिविर में गए थे। जहां ग्रामीणों से उनका विवाद हो गया। इस दौरान विधायक के एक विवादित बयान से मामला और गरमा गया। ग्रामीणों ने भी विधायक पर जवाबी हमला किया और कठोर शब्द कहे। हालांकि कुछ देर बाद विधायक की ओर से वीडियो जारी किया गया जिसमें उन्होंने कहा कि ग्रामीणों से जो मैंने कहा वह गलत था। मुझे ऐसा नहीं कहना चाहता था।
वीडियो जारी कर विधायक ने कहा।
विधायक मदन दिलावर ने वीडियो जारी कर कहा है कि मुझसे गलती हो गई। रामगंजमंडी विधायक मदन दिलावर की ओर से विवादित बयान को लेकर एक वीडियो जारी किया गया है जिसमें उन्होंने कहा है कि मैंने जो शब्द बोले वह गलत हैं। इस प्रकार मुझे उत्तेजित होकर नहीं बोलना चाहिए था। दिलावर ने बताया कि मंडा पंचायत शिविर में सरपंच पति और सरपंच ससुर ने विकास कार्य की मांग की जबकि मेरी ओर से पहले ही ग्राम पंचायत में 11 लाख का विकास कार्य करवाया गया है। मेरी ओर से मना करने पर दोनों अभद्रता करने लगे और नारेबाजी शुरू कर दी। तब मैंने उत्तेजित होकर ऐसा कह दिया। हालांकि इस प्रकार से मुझे नहीं बोलना चाहिए था। मेरी ओर से किसी जाति समुदाय को लेकर कोई बयान नहीं दिया गया है।
दिलावर के बयान से भड़के कांग्रेसी।
रामगंजमंडी विधानसभा विधायक मदन दिलावर के विवादित बयान ने तूल पकड़ लिया। वहीं कांग्रेस के युवा नेता शिवराज गुंजल ने रामगंजमंडी विधायक मदन दिलावर की ओर से दिए गए विवादित बयान के विरोध में प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। यह भी कहा कि मदन दिलावर गुर्जर समाज ही नहीं, किसी भी समाज को कमजोर न समझें। गुंजल ने कहा कि मदन दिलावर सुर्खियों में आने के लिए इस तरह के बयान समय-समय पर देते रहते हैं जिसका खामियाजा आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा। गुंजल ने कहा कि यदि दिलावर ने माफी नहीं मांगी तो उन्हें फिर गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।

0 टिप्पणियाँ