ब्यूरो रिपोर्ट।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2018 एनटीटी के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से प्रतियोगी परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले 122 अभ्यर्थियों को डिबार किए जाने का असर साफ दिख रहा है। डिबार होने के डर से जांच प्रक्रिया में फर्जी डिग्री वाले सतर्क हो गए हैं। स्थिति ये है कि महिला बाल विकास विभाग में शुरू हुई दस्तावेज जांच प्रक्रिया के पहले दिन 200 में से सिर्फ 14 अभ्यर्थी ही अपने दस्तावेजों की जांच कराने पहुंचे हैं। ऐसे में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आपको बता दें कि दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया 18 से 24 अक्टूबर तक होगी। इससे पहले भी हुई जांच प्रक्रिया के दौरान 1461 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे थे। इनको एक बार फिर बोर्ड की ओर से वापस मौका दिया गया है। आशंका यह जताई जा रही है कि अभी तक अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों में अधिकतर फर्जी डिग्री वाले हैं। पहले चरण के रूप में हुई दस्तावेज जांच प्रक्रिया में भी 93 अभ्यर्थी फर्जी दस्तावेज वाले पाए गए थे। इसके चलते विभाग ने इन सभी को डिबार कर दिया था। आपको बता दें कि 2008 के बाद से एनटीटी कोर्स बंद है लेकिन 2018 में एनटीटी छात्रों की मांग को देखते हुए प्रारंभिक शिक्षक भर्ती कराई गई थी। 1350 पदों पर की गई इस भर्ती में उन्नीस सौ अभ्यर्थियों को दस्तावेज जांच में बुलाया गया था। पहले दौर में 504 अभ्यर्थी ही योग्य मिले। इसके बाद 846 खाली पदों के लिए 2100 अभ्यर्थियों को पात्रता जांच के लिए बुलाया। इनमें से 1461 जांच के लिए नहीं पहुंचे। इन्हें फिर से मौका दिया जा रहा है।

0 टिप्पणियाँ