जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।

राजस्थान में अब दो महीने तक कलेक्टर और अतिरिक्त जिला कलेक्टर नहीं बदले जा सकेंगे। प्रदेश में तबादलों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम से जुड़े अफसरों के तबादलों पर यह रोक करीब दो माह के लिए लगाए गई है। प्रशासनिक सुधार विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से फोटो युक्त मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम 1 नवम्बर 2021 से 5 जनवरी 2022 तक निर्धारित किया गया है। ऐसे में फोटोयुक्त मतदान सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों/कर्मचारियों जिसमें जिला निर्वाचन अधिकारियों (कलक्टर) उप जिला निर्वाचन अधिकारियों (अति. जिला कलक्टर) निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (उपखण्ड अधिकारी / सहायक कलक्टर) / सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ( तहसीलदार / नायब तहसीलदार ) और पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान नियुक्त किये जाने वाले बूथ लेवल अधिकारियों / पदाभिहित अधिकारियों/ सुपरवाइजरों के पद पर सामान्यतया फील्ड स्तर पर कार्यरत और विभिन्न स्तर पर कार्यरत विभिन्न विभागों के सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर दिनांक 1 नवम्बर 2021 से 5 जनवरी 2022 तक प्रतिबन्ध लगाया गया है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम अवधि के दौरान अगर राज्य सरकार अति आवश्यक मामलों में कर्मचारी या अधिकारी का तबादला करना चाहती है, तो इसके लिए सरकार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।

तैयार सूची रह गई धरी की धरी कई अधिकारियों के सपने हुए चूर।

सूत्रों की मानें तो प्रदेश की गहलोत सरकार कई जिलों के जिला कलेक्टर और अतिरिक्त जिला कलेक्टर के तबादला करने के लिए सूची तैयार कर चुकी है। ब्यूरोक्रेसी के गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि आजकल में ही राज्य सरकार बड़े स्तर पर जिलों के अधिकारियों में उथल-पुथल कर सकती है, लेकिन प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से तबादलों पर रोक लगा दी गई है।