जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।

जयपुर नेट-थियेट पर राजस्थान के युवा मेंडोलियन वादक तरूण डांगी ने राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को याद करते हुये जब अपनी उंगलियां मेंडोलियन के तारो पर छेडी तो वैष्णव जन तो तेने कहिये पीर पराई जाणी रे की मधुर धुन राग मिश्र पीलू मे बजाई तो पूरा माहौल अंहिसामयी हो गया साथ ही ऑनलाइन दर्शकों के लिये राजस्थान की प्रसिद्ध लोकधुन पधारो म्हारे देस माण्ड शैली में बजाकर स्वागत किया।

नेट-थियेट के राजेन्द्र शर्मा राजू ने बताया कि तरूण डांगी ने इसके बाद सेमीक्लासिकल में मेंडोलियन के तारो से किरमानी धुन बैरागी बजाई। उन्होंने साज पर राग भोपाली पर आधारित धुन बजा कर सांझ को सुरमयी बना दिया। डांगी ने सुरीले साज मेंडोलियन पर कई प्रयोग करते हुये रूपक तीन ताल और कहरवा में बजाकर आनंदित किया। डांगी के साथ युवा तबला वादक राजेन्द्र शर्मा ने सधी हुयी संगत करते हुये कार्यक्रम को परवान चढाया। कार्यक्रम का संचालन मनोज स्वामी ने किया। संगीत विष्णु कुमार जांगिड, प्रकाश व दृश्य सज्जा मुकेश कुमार सैनी, अर्जुन देव, सौरभ कुमावत, अजय शर्मा, जीवितेश शर्मा, अंकित शर्मा नोनू, धृति शर्मा, जितेन्द्र शर्मा, अंकित जांगिड, तुषार शर्मा रहे।