जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जयपुर जिले की जमवारामगढ़ तहसील के खतेहपुरा चांवडिया गांव में मंगलवार को दिन दहाड़े गीता देवी शर्मा नामक महिला के दोनों पैर व गलाकाट हत्याकर आभूषण ले जाने की लोमहर्षक घटना को लेकर बनी तनाव की स्थिति जिला कलेक्टर,ब्राह्मण प्रतिनिधियों व परिजनों की मौजूदगी में हुए समझौते के बाद विवाद समाप्त हो गया। परिजन शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हो गए। जिला कलेक्टर अतरसिंह नेहरा जैसे ही घटनास्थल पर पहुंचे उन्होंने परिजनों,ग्रामीणाों व ब्राह्मण संगठनों से उनकी मांगों को जाना। उसके बाद समझौता वार्ता हुई जिसमें पीडि़त परिवार को 8 लाख रुपए प्रशासन की ओर से तथा 2 लाख ग्रामीणों की ओर से एकत्र करके देने,हत्यारों को सात दिन के भीत्तर गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने, परिजनों को डेयरी बूथ के आवंटन के साथ गांव और आसपास के क्षेत्र में ऐसे अपराध फिर ना घटित हो इसके लिए पुलिस चौकी खोलने की मांग पर समझौता हुआ। सरकार की ओर से जिला कलेक्टर,क्षेत्र के एसडीएम तथा जिला पुलिस अधीक्षक मौजूद थे,जबकि मृतका की तरफ से परिजनों के साथ दौसा के पूर्व विधायक व विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शंकरलाल शर्मा,विप्र फाउंडेशन से प्रदेशाध्यक्ष राजेश कर्नल, युवा प्रदेशाध्यक्ष पवन शर्मा, हरियाणा ब्राह्मण समाज की ओर से बिरदीचंद शर्मा व अन्य नेता तथा ग्रामीण मौजूद थे। इस समझौते को करवाने में विप्र फाउंडेशन ने अहम भूमिका निभाई,क्योंकि सुबह तक पुलिस के अलावा जिला प्रशासन का कोई प्रतिनिधि नहीं आने से शव के साथ घेराव किए बैठे लोगों में रोष व्याप्त हो गया। आगरा हाईवे को अवरूद्ध करने तक की बात उठी। विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने सरकारी मुख्य सचेतक डॉ.महेश जोशी को वस्तु स्थिति से अवगत करवाया तब जाकर जिला कलेक्टर पहुंचे। डॉ. महेश जोशी निरंतर सम्पर्क बनाए हुए थे। उनके कहने पर ही प्रशासन ने सहायता राशि का 5 से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया। इसके साथ पीडि़त परिवार को रोजगार के लिए दूध डेयरी की बात को भी जोशी के कहने पर ही प्रशासन ने मानी। इसी के साथ मंगलवार से इस हत्याकांड के बाद से ही शव के साथ चल रहा धरना समाप्त हो गया। मंगलवार से शव के साथ चल रहे धरना स्थल पर पूर्व विधायक जगदीश मीणा, जयपुर ग्रामीण सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सहित कई अन्य नेता भी आए,लेकिन स्थानीय विधायक गोपाल मीणा नहीं आएं। विधायक गोपाल मीणा के नहीं आने को लेकर भी ग्रामीणों में रोष देखा गया। इस बीच विप्र फाउंडेशन ने मंगलवार को संगठन के जयपुर जिला उत्तर अध्यक्ष दीपक शर्मा व अन्य पदाधिकारियों को मौके पर भेज रखा था। विप्र फाउंडेशन जोन-1 के प्रदेशाध्यक्ष राजेश कर्नल पदाधिकारियों का एक दल लेकर बुधवार खतेहपुरा चावंडिया पहुँचे तथा पुलिस प्रशासन को चेताया कि आए दिन हो रही घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा तो समाज को बड़ेे आंदोलन पर मजबूर होना पड़ेेगा। कर्नल के साथ खतेहपुरा गए फाउंडेशन के पदाधिकारियों में जोन-1 युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष पार्षद पवन शर्मा नटराज, प्रदेश संगठन महामंत्री सतीश शर्मा, प्रदेश सचिव प्यारे लाल शर्मा,अजीत गौड़, पुष्पेंद्र शर्मा,अरुण शर्मा, मुकुंद शर्मा, आईटी सेल के सह संयोजक रोशन शर्मा, पार्षद रामप्रसाद शर्मा, प्रदेश युवा उपाध्यक्ष अनिल दीप शर्मा,लोकेश भारद्वाज मोहनपुरा वाले, मुन्ना पंडित, प्रदेश युवा मंत्री विष्णु शर्मा, हेरिटेज युवा उपाध्यक्ष कमल शर्मा, जयपुर जिला हेरिटेज महामंत्री श्रीकिशन शर्मा एडवोकेट, पप्पू दुधली, विष्णु रावरी, मुकेश रावरी, एडवोकेट कृष्ण शर्मा, प्रदीप बस्सी सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।

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