जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
रीट परीक्षा के बाद 23-24 अक्टूबर को दो दिन मे चार पारियो मे आयोजित हुई पटवारी भर्ती परीक्षा मे सरकार की लाख कोशिशों के बाबजूद मुन्नाभाई सक्रिय नजर आये।राजस्थान के विभिन्न जिलो मे आयोजित हुई परीक्षा मे पुलिस ने दर्जनभर से अधिक मुन्नाभाई को गिरफ्तार करने मे भी सफलता हासिल की लेकिन जो पुलिस की सक्रियता के बाबजूद बच गया उसने पढने और जी-जान से तैयारियां करके नौकरी पाने वाले अभियार्थियो की योग्यता पर प्रशन चिन्ह जरूर लगाया है। इसी कडी मे जयपुर में पटवार भर्ती परीक्षा के दौरान रविवार को तीन डमी परीक्षार्थी पकड़े गए हैं। श्याम नगर थाना इलाके में दो डमी परीक्षार्थी और प्रताप नगर थाना इलाके में एक डमी कैंडिडेट को दबोचा गया है। जयपुर श्याम नगर थाना इलाके में पुलिस ने बिहार निवासी नितेश कुमार और पंकज कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 10 लाख रुपये में सौदा तय किया था। फर्जी आधार कार्ड और अन्य परीक्षाओं में शामिल होने के लिए प्रवेश पत्र भी बरामद हुए हैं। वहीं प्रताप नगर थाना पुलिस ने पटवारी भर्ती परीक्षा देते हुए डमी परीक्षार्थी पटना निवासी लक्की को गिरफ्तार किया है। आरोपी रामजस मीणा की जगह पर परीक्षा दे रहा था।डीसीपी साउथ हरेंद्र महावर के मुताबिक पटवारी भर्ती परीक्षा के दौरान कई फर्जी अभ्यर्थी बनकर अन्य अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने की फिराक में जयपुर आए थे। दौसा पुलिस से सूचना प्राप्त होने पर लोकेशन ट्रेस की गई। पुलिस ने परीक्षा केंद्रों पर निगरानी रखी और फर्जी अभ्यर्थी बनकर अन्य अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने वाले लोगों की तलाश की गई। केंद्रीय विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल कटेवा नगर स्कूल पर विशेष निगरानी के दौरान कमरा नंबर 6 में पटवारी परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी संदिग्ध प्रतीत होने पर पूछताछ की गई। अभ्यर्थी के पहचान पत्र को भी चेक किया गया तो प्रवेश पत्र और आधार कार्ड पर लगी फोटो में भिन्नता पाई गई। अभ्यर्थी के हस्ताक्षर भी मैच नहीं कर रहे थे। प्रवेश पत्र पर अभ्यर्थी विनोद कुमार मीणा की जगह पर परीक्षा कक्ष में अभ्यर्थी नितेश कुमार पाया गया। पुलिस ने आरोपी को तुरंत दबोच लिया डमी अभ्यर्थी नितेश कुमार से पूछताछ पर सामने आया कि उसका अन्य साथी डमी अतिथि के रूप में परीक्षा देने के लिए आया है जिस पर पुलिस ने दूसरे डमी अभ्यर्थी पंकज कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने पर दोनों ने अपना जुर्म कबूल लिया।आरोपी से पूछताछ में सामने आया है कि गैंग का मुख्य सरगना बीरू सिंह है जो कि पढ़े-लिखे लड़कों को बिहार से हायर कर उनको कुछ रुपयों का लालच देकर डमी कैंडिडेट बनाकर भेजता है। मुख्य सरगना 5 से 15 लाख रुपये में सौदा तय करता है। गैंग का सरगना फार्म भरते वक्त डमी कैंडिडेट की फोटो फार्म पर लगा देता है और आधार कार्ड पर डिटेल्स कैंडिडेट की ही होती है। लेकिन आधार कार्ड पर फोटो डमी कैंडिडेट की स्कैन करके अभ्यर्थी की जगह लगाकर आधार कार्ड को लेमिनेशन करके डमी कैंडिडेट को परीक्षा में शामिल होने के लिए भेज देता है। डमी कैंडिडेट परीक्षा में बैठने वाले कैंडिडेट की नार्मल जानकारी याद रखता है जो कि परीक्षा केंद्र में शिक्षक को संदेह होने पर फटाफट कैंडिडेट की संपूर्ण जानकारी पूछने पर बता देता है ताकि डमी कैंडिडेट पर शक नहीं हो सके।गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि वह अलवर में भी प्रथम पारी में पटवारी की परीक्षा दे चुके थे। दोनों ने बताया कि अलवर के विजयलक्ष्मी सेकेंडरी स्कूल सेंटर पर महेश कुमार मीणा की जगह परीक्षा दी थी। मुख्य सरगना बीरू सिंह बिहार का रहने वाला है।इधर प्रताप नगर थाना पुलिस ने पटवारी भर्ती परीक्षा में एक डमी कैंडिडेट को गिरफ्तार किया है। पटवारी परीक्षा सतर्कता दल ने सेंट जोसेफ स्कूल प्रताप नगर में डमी कैंडिडेट को रामजस मीणा के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा है। आरोपी का नाम लक्की है। सतर्कता दल के प्रभारी डॉ. विजय प्रकाश गौतम की टीम के साथ प्रताप नगर थाना अधिकारी बलबीर सिंह ने डमी कैंडिडेट को दबोचा है। पुलिस के मुताबिक संदेह होने पर कैंडिडेट से पूछताछ की गई तो उसने डमी के रूप में परीक्षा देना स्वीकार कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ करके जांच पड़ताल की जा रही है।

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