चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट।

वरिष्ठ शासन उपसचिव गृह विभाग भवानी शंकर  गुरुवार सवेरे चित्तौड़गढ़ पहुंचे। जहां पर उन्होंने जिला कारागृह का औचक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने मीडिया से मुताबिक होते हुए बताया कि गुरूवार को जिला कारागृह का निरीक्षण किया गया है l जिसमें स्थिति संतोषप्रद पाई गई है। उन्होंने बताया कि जिला कारागृह में आवश्यकता से अधिक बंदियों के निरुद्ध होने की बात भी सामने आई है। जिसके लिए राज्य सरकार को अवगत कराया जाएगा। अतिरिक्त बंदियों के लिए अलग से व्यवस्था करवाने के बारे में भी चर्चा की जाएगी। जेल उपाधीक्षक योगेश कुमार तेजी ने बताया कि वरिष्ठ शासन उप सचिव भवानी शंकर पांडेय ने जिला सलाहकार समिति दर्शक सावन श्रीमाली और अन्य के साथ जिला कारागृह का निरीक्षण किया है।उन्होंने बताया कि जिला कारागृह में आवश्यकता से अधिक बंदियों के निरुद्ध होने की जानकारी उप शासन सचिव को दी गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 338 के मुकाबले 580 बंदी निरुद्ध है। उन्होंने बताया कि जेल की सबसे बड़ी समस्या नशे की है इसके लिए उन्होंने उप शासन सचिव को जानकारी दी है और इसके समाधान के लिए नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने के साथ एक मनोचिकित्सक की स्थाई नियुक्ति के लिए भी कहाँ गया है।उन्होंने बताया कि 3 अक्टूबर को पदभार ग्रहण करने के बाद पूरे कारागृह में सघन चेकिंग का अभियान चलाया गया था। जिसमें तलाशी के दौरान 20 मोबाइल बरामद किए गए थे। इसके साथ ही पांच एफआईआर कोतवाली में दर्ज कराई गई है। जिसकी जांच जारी है। जिला कारागृह निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ शासन उप सचिव जेल भवानी शंकर के अलावा योगेश कुमार तेजी उप अधीक्षक जिला कारागृह, जेल के लिए मनोनीत गैर सरकारी दर्शक  सदस्य सावन श्रीमाली,देवीलाल धाकड़, खुमान पुरी गोस्वामी भी उपस्थित रहे।