जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।

भारत ने कोरोना वैक्सीन को लेकर इतिहास रच दिया है। देश ने 100 करोड़ वैक्सीनेशन का लक्ष्य पार कर लिया है। इस पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि राजस्थान में भी करीब 82 फीसदी लोगों को पहली डोज लगा दी गई है। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राजस्थान भी वैक्सीनेशन में अग्रणी राज्यों में शामिल है। रोजाना यहां बड़ी संख्या में लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं। प्रदेश के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 5 करोड़ 14 लाख लोगों को वैक्सीन लगनी है। अब तक 82 फीसदी लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है और सेकंड डोज 44 फ़ीसदी लोगों को लगा दी गई है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में इस बात पर फोकस किया गया कि वैक्सीनेशन का काम तेजी से किया जाए। रघु शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिला कलेक्टर और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को वैक्सीनेशन कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए थे। मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि राजस्थान में भी कोविड प्रबंधन में शानदार उपलब्धि हासिल की है। राजस्थान के भीलवाड़ा और रामगंज मॉडल की पूरे देश में चर्चा हुई। कोरोना टेस्टिंग में भी हमने अच्छा काम किया। आज प्रतिदिन डेढ़ लाख आरटी पीसीआर टेस्ट करने की क्षमता हमारे पास है। प्रदेश में हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत किया गया है। शर्मा ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जो कठिनाइयां आईं उनसे सबक लेते हुए 1000 मीट्रिक टन मेडिकल लिक्विड ऑक्सीजन राजस्थान अपने स्तर पर उत्पन्न कर सकता है। प्रदेश में करीब 545 ऑक्सीजन जनरेशन के प्लांट स्वीकृत किए गए हैं जिनमें से 280 प्लांट लग चुके हैं, शेष काम भी जल्द किया जाएगा। 47 हजार से ज्यादा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की भी क्षमता हमारे पास है। इस तरह से 1000 मीट्रिक टन मेडिकल लिक्विड ऑक्सीजन होने हम किसी भी चुनौती से मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। विशेषज्ञ कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना जता रहे हैं। इसे देखते हुए 332 कम्युनिटी हेल्थ सेंटर और 1600 से ज्यादा आईसीयू बेड तैयार किए जा रहे हैं। 332 सीएससी में से 212 में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लाट लगेंगे। बच्चों के अस्पताल में भी आईसीयू बेड बढ़ाए जा रहे हैं।