बीकानेर ब्यूरो रिपोर्ट।

बीकानेर के नोखा थाना क्षेत्र के एक निजी बीएड कॉलेज के हॉस्टल में कॉलेज की एक दलित छात्रा के साथ दुष्कर्म के 5 साल पुराने मामले में पॉक्सो कोर्ट ने मंगलवार को आरोपियों को सजा सुना दी है। मुख्य आरोपी को आजीवन कठोर कारावास और दो आरोपियों को 6-6 साल की सजा सुनाई गई है। इस मामले में कोर्ट ने मुख्य अभियुक्त PTI विजेंदर सिंह को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जबकि हॉस्टल की वार्डन प्रिया शुक्ला और उसके पति प्रतीक शुक्ला को 6-6 साल की सजा सुनाई है। पहले कोर्ट ने 11 अक्टूबर को फैसला सुनाने का निर्णय किया था, लेकिन कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया। मामले में कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद कॉलेज के पीटीआई विजेंद्र सिंह को दुष्कर्म का दोषी माना था। साथ ही वार्डन प्रज्ञा शुक्ला और प्रिंसिपल प्रिया प्रतीक शुक्ला को भी जिम्मेदार माना था। 

दरअसल बीकानेर के नोखा स्थित निजी बीएड कॉलेज में दूसरे वर्ष की छात्रा का शव 29 मार्च 2016 को हॉस्टल के पानी के टैंक में मिला था। मामला दर्ज हुआ और पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। 29 मार्च 2016 को घटित इस घटना में कुल 85 बार पेशी हुई। वहीं 34 गवाहों के बयान हुए। पुलिस ने घटना के 86 दिन बाद 25 जून 2016 को इस मामले की चार्जशीट पेश की। कॉलेज प्रशासन ने छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले को छुपाने की कोशिश की थी। उन्होंने पुलिस को समय पर सूचना नहीं दी। दुष्कर्म के बाद छात्रा ने हॉस्टल के वॉटर टैंक में कूदकर जान दे दी थी। कोर्ट ने माना कि छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने का काम किया।2016 में प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। उस समय कांग्रेस इस मुद्दे को देशभर में उठाया। कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर बाड़मेर भी गए थे। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश सरकार पर भी खूब निशाना साधा गया था। इसके बाद यह घटना राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हो गई। इस मुद्दे को लेकर राजनीति भी हुई और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का दौर भी चला था। फिर दलित छात्रा के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने वाले पीटीआई विजेंदर सिंह को कोर्ट ने कठोर उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा हॉस्टल की तत्कालीन वार्डन प्रिया शुक्ला और उसके पति प्रतीक शुक्ला को भी घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए 6-6 साल की सजा सुनाई है।