ब्यूरो रिपोर्ट।

यातायात व्यवस्था के प्रबंधन की दिशा में राजधानी जयपुर के टोंक रोड पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने की दिशा में सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने स्मार्ट सिटी कंपनी से ₹20 करोड़ और परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने रोड सेफ्टी फंड से ₹15 करोड़ देने की सिफारिश की है। इस राशि से टोंक रोड पर इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट सिस्टम यानी कि आईटीएमएस लागू करने का काम किया जाएगा। यह कवायद लगभग 2 सप्ताह की अवधि में शुरू कर दी जाएगी। देश की राजधानी दिल्ली की तर्ज पर टोंक रोड पर आईटीएम सिस्टम लागू करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को अब तक फंड नहीं मिल पा रहा था। अब यह राशि मिलने के बाद लगभग 75 जगह पर 300 से ज्यादा हाईटैक कैमरे लगाए जाएंगे। इसके बाद टोंक रोड की हर लेन कैमरे की निगरानी में होगी। जिस लेन में ट्रैफिक का दबाव बढ़ेगा, उस लेन को ग्रीन सिग्नल देकर वाहनों को निकाला जा सकेगा। पहले चरण में अजमेरी गेट यादगार से दुर्गापुरा पुलिया तक 14 और इसके बाद दूसरे चरण में आश्रम मार्ग से इंडिया गेट तक आठ ट्रैफिक पॉइंट पर आईटीएम सिस्टम लागू किया जाएगा। आपको बता दें कि आईटीएम सिस्टम में कैमरे सेंसर के जरिए सड़क पर हर वाहन की स्पीड और नंबर प्लेट को लगातार रीड करेंगे। हर चौराहे तिराहे को सिस्टम से कनेक्ट करने पर ट्रैफिक में दवाब की लगातार निगरानी होती रहेगी। इस सिस्टम से ही पता चल सकेगा कि किस रोड पर किस समय पीक ओवर रहता है। इसके बाद यह निर्णय लिया जा सकेगा कि किस चौराहे की कौन सी लेन को डायवर्ट करने से यातायात सुचारू रह सकता है। आईटीएमएस वाहनों की स्पीड की क्लिपिंग और नंबर प्लेट की फोटो भी सेव करेगा। ऐसे में चालान की स्थिति बनने पर परिवहन विभाग के मोबाइल ऐप से वाहन चालक का नाम पता भी निकाला जा सकेगा। सिस्टम में सुधार लाने के लिए मुख्य सचेतक महेश जोशी और परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास अगले सप्ताह टोंक रोड का दौरा करेंगे।