दरअसल अगस्त 2018 में जैसलमेर मे एक बाइक रैली का आयोजन किया गया था, जिसमें देश भर के सैकड़ों बाइकर्स ने हिस्सा लिया था। इस रैली में बेंगलुरु निवासी असबाक मोन भी हिस्सा ले रहा था। इस रैली में उसकी बाइक से गिरने से मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी, जिस पर मृतक की पत्नी व उसके पिता जैसलमेर आए तथा शव का पोस्टमार्टम करवा कर जैसलमेर में ही दफन कर दिया।
मृतक के परिजनों ने लगाया था हत्या का अंदेशा
हालांकि मृतक की पत्नी ने तब किसी पर शक जाहिर नहीं किया था, लेकिन मृतक असबाक के परिजनों ने बेंगलुरु में पुलिस के उच्च अधिकारियों के सामने परिवाद पेश किया, जिसमें उन्होंने इसको हत्या बताया। जैसलमेर पुलिस ने इस मामले में जांच की तथा गहन जांच में उन्होंने पाया की ये दुर्घटना नहीं हत्या है। मामला हत्या का पाया जाने पर रिपोर्ट पेश करने पर पुलिस थाना शाहगढ़ में हत्या का मामला दर्ज कर मामले की जांच भवानीसिंह डीवाईएसपी पुलिस महिला अपराध अनुसंधान प्रकोष्ठ जैसलमेर के हवाले की गई। जांच अधिकारी ने 3 साल पुराने मामले में जांच के आधार पर मृतक के दोस्तों के खिलाफ हत्या करने एवं षड्यन्त्र रचने का आरोप पुख्ता पाए।
बाइक राइड में शामिल दोस्त हत्या में शामिल
जांच में सामने आया की मृतक के दोस्तों ने ही इस हत्या को अंजाम दिया है। पुलिस नें आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारण्ट जारी करवाकर उनकी तलाश शुरू की। बेंगलुरु व केरल में तलाश की गई मगर आरोपी गिरफ्तारी के डर से फरार हो गए। कड़ी मशक्कत के बाद बेंगलुरु निवासी आरोपी संजयकुमार व विश्वास एसडी को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने स्वीकार किया की उन्होंने ही उसकी हत्या की थी। सोमवार को न्यायिक हिरासत में भिजवाया गया। पुलिस मामले में और भी आरोपियों के शामिल होने की जांच कर रही है। बहुत जल्द पुलिस करेगी हत्या के कारणों का खुलासा करेगी।


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