झालावाड़ से हरिमोहन चोडॉवत।

झालावाड मेडिकल काॅलेज एवं जिला एसआरजी अस्पताल कोरोना की संभावित तीसरी लहर मे आॅक्सीजन के क्षेत्र मे आत्मनिर्भर होने जा रहा है।आज 200 आॅक्सीजन सिलेंडर की क्षमता का पीएसए ऑक्सीजन प्लांट झालावाड मेडिकल काॅलेज पहुंचा।इससे नये आॅक्सीजन प्लांट के शुरू होने के बाद झालावाड मेडिकल कॉलेज एवं जिला एसआरजी अस्पताल की ऑक्सीजन क्षमता 500 सिलेंडर प्रतिदिन की हो जावेगी। गौरतलब है कि झालावाड़ की जिला एसआरजी अस्पताल एवं जनाना अस्पताल में पहले से ही तीन ऑक्सीजन प्लांट संचालित है। जिससे प्रतिदिन 300 सिलेंडर ऑक्सीजन मिल रही है अब नया प्लांट शुरू होने के बाद यह क्षमता बढ़कर 500 सिलेंडर प्रतिदिन हो जाएगी।जिससे झालावाड़ का मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल ऑक्सीजन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाएगा। जिला एसआरजी अस्पताल अधीक्षक डाॅ संजय पोरवाल ने बताया कि झालावाड मेडिकल कॉलेज में कुल छह आॅसीजन प्लांट लगने हैं। इनमें से पांच प्लांट एसआरजी अस्पताल और एक प्लांट जिला जनाना अस्पताल के लिए है।ऐसे मे ये नया प्लांट डीआरडीओ के द्वारा बनाया गया है।ये हाई प्रेशर वाॅल्यूम जनरेट करेगा।जिसे आईसीयू की लाइन से जोडा जाएगा।जिसके लिए पहले से अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए प्लेटफार्म भी तैय्यार कर लिया है।अब केवल इसका कनेक्शन करते ही ये आॅक्सीजन बनाना शुरू कर देगा।जिससे जिला अस्पताल की क्षमता मे 200 सिलेंडर की वृद्वि हो जायेगी।जिससे मेडिकल काॅलेज अस्पताल ऑपरेशन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाएगा।जिससे कोरोना की संभावित तीसरी लहर में मरीजों को ऑक्सीजन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।