जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।

हाईकोर्ट बार एसोेसिएशन ने रोस्टर बदलने की मांग को लेकर एक बेंच का बहिष्कार करने का फैसला किया था। इसके बाद मंगलवार को हाईकोर्ट में दोपहर दो बजे तक मामलों की सुनवाई बाधित रही। हाईकोर्ट जयपुर बेंच के सभी न्यायाधीशों की मुख्य न्यायाधीश के साथ बैठक हुई। इसके बाद बार एसोसिएशन पदाधिकारियों को भी शामिल किया गया। सभी पक्षों को सुनने के बाद विवाद के निस्तारण एवं चर्चा के लिए छह न्यायाधीशों की कमेटी का गठन किया गया। जिसकी वजह से दो बजे बाद हाईकोर्ट में मामलों की सुनवाई शुरू हो सकी।हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने न्यायाधीश सतीश कुमार शर्मा की एकलपीठ का रोस्टर बदलने की मांग रखी थी। जिसके बाद एसोसिएशन ने मंगलवार से न्यायाधीश शर्मा की बेंच का बहिष्कार कर दिया। बार एसोसिएशन के लिखे पत्र की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार सुबह कोई भी न्यायाधीश कोर्ट में नहीं बैठा। मुख्य न्यायाधीश के साथ जयपुर बेंच के सभी न्यायाधीशों की बैठक हुई। इस बैठक के बाद बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को भी बैठक में बुलाया गया। जिसके बाद कमेटी का गठन करते हुए दोपहर दो बजे से कोर्ट में मामलों की सुनवाई शुरू हो सकी।

कमेटी में शामिल न्यायाधीश

विवाद के निस्तारण एवं चर्चा के लिए छह न्यायाधीशों की कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में न्यायाधीश गोवर्धन बाढ़दार, न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी, न्यायाधीश दिनेश मेहता, न्यायाधीश अशोक कुमार गौड़, न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह और न्यायाधीश महेंद्र कुमार गोयल को शामिल किया है।

यह है विवाद।

एक अधिवक्ता का पड़ौसी के साथ विवाद हो गया था। जिसके बाद अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में सोमवार को याचिका दायर की। वकीलों ने इस पर तत्काल सुनवाई की गुहार लगाई लेकिन न्यायाधीश शर्मा ने इस पर मंगलवार को पहले केस के तौर पर लगाने को कहा। इसके बाद वकीलों ने नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग करना शुरू कर दिया। मामले में मुख्य न्यायाधीश के दखल के बाद दूसरी बेंच ने सोमवार को ही मामले की सुनवाई कर ली।