करौली ब्यूरो रिपोर्ट।

अनुजा निगम के परियोजना प्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना का 2 अक्टूबर से क्रियान्वयन किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों मे राजेगार, स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और रोजमर्रा की जरूरतों के लिये वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिये इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना लागू की गई है। इस योजना का प्रमुख लक्ष्य स्ट्रीट वेंडर्स, अनौपचारिक क्षेत्र मे आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने वाले लोगो जैसे हेयर डेसर, रिक्शा चालक, कुम्हार, खाती, मोची, मिस्त्री, दर्जी, धोबी, रंग पेन्ट करने वाले, नल बिजली की मरम्मत करने वाले आदि बेराजगार युवाओ को संबल प्रदान करना है। इसमे बिना गारंटी ब्याज रहित एक वर्ष के लिये अधिकतम 50 हजार रू का ऋण उपलब्ध कराया जायेगा।योजना के तहत ब्याज का शत प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार देगी व राशि का पुनर्भुगतान 12 माह मे करना होगा। ऋण के मोरेटोरियम की अवधि तीन माह होगी व योजना मे पहले आओ पहले पाओ का नियम लागू होगा। उन्होने बताया कि आवेदक राजस्थान का स्थाई निवासी हो व शहरी क्षेत्र मे निवासरत हो, आयु 18 से 40 वर्ष हो, बेरोजगारी भत्ता नही मिल रहा हो।आवेदक की मासिक आय 15 हजार या इससे अधिक होने पर और कुल पारिवारिक मासिक आय 50 हजार रू या इससे अधिक होने पर पात्र नही होगें।योजनान्तर्गत आवेदक स्वयं की एसएसओ आईडी से या ईमित्र के माध्यम से आवेदन कर सकता है। आवदेन हेतु पासपोर्ट साईज का फोटो, जन आधार कार्ड, आधार कार्ड, राजस्थान मे वर्तमान मे शहरी क्षेत्र मे निवास संबंधी दस्तावेज, राजस्थान का स्थाई निवास संबंधी दस्तावेज, बैंक की पासबुक, विक्रेता होने पर प्रमाण पत्र, वेडिंग आईडी, सिफारिश पत्र, जिला रोजगार केन्द्र पर दर्ज की गई पंजीकरण, मासिक आय, बकाया ऋण, मासिक पारिवारिक आय का विवरण आदि दस्तावेज होना आवश्यक है।