करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
सिलिकोसिस नीति के क्रियान्वयन में चुनौतियों और सुरक्षा विषय पर बुधवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। संस्था सचिव डॉक्टर विकास भारद्वाज ने बताया कि बरखेड़ा गदका की चौकी के पास डांग विकास संस्थान के नवनिर्मित कार्यालय में सिलिकोसिस पीड़ितों के साथ ही सिलिकोसिस नीति के क्रियान्वयन में चुनौतियों पर कार्यशाला आयोजित हुई। जिसमें वर्तमान में आ रही चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज जयपुर और मेडिकल बोर्ड भरतपुर से प्रमाणित सिलिकोसिस पीड़ितों के ऑफलाइन प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन करने के संदर्भ मे संस्थान द्वारा किए गए प्रयासों तथा पॉलिसी मे किए गए प्रावधान अनुसार लाभ दिए जाने पर चर्चा की गई। साथ ही पेशन पालनहार खाद सुरक्षा योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। संस्थान के कार्यक्रम समन्वयक राजेश कुमार ने बताया कि इस अवसर पर पीयूष अग्रवाल आईटीसीयन दिल्ली द्वारा संस्थान द्वारा तैयार किए गए खनन सुरक्षित टूल के बचाव के पहलुओं पर विस्तार से बताया गया तथा सुरक्षा के अन्य उपकरणों को भी अपनाए जाने पर बल दिया। संस्थान के कार्यक्रम समन्वयक राजेश शर्मा ने बताया कि कार्यशाला में सरमथुरा क्षेत्र के डोमपुरा कोनेसा हरलालपुरा सुपारी खैरारी चन्द्रावली भिणडीपुरा बरौली सहित क्षेत्र के 15 गांवों के 35 खनन श्रमिक व सिलिकोसिस पीड़ितों ने भाग लिया। सिलिकोसिस नीति पर चर्चा के साथ ही जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के संदर्भ में मजदूरों को जानकारी दी गई। इस दौरान सतत विकास संस्थान के निदेशक अरुण जिंदल विक्रम सिंह गुर्जर, महेश चंद्र, विक्रम जाटव, राजेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।


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