श्रीगंगानगर से राकेश मितवा

राज्य सरकार की चिरंजीवी बीमा योजना आम लोगों की जिंदगियों को बचाने में कारगर साबित हो रही है । ऐसा ही एक मामला श्रीगंगानगर में सामने आया है जहां वर्षों से गले की गांठ से पीड़ित एक महिला का चिरंजीवी योजना के इलाज के तहत  9 घंटे तक चले ऑपरेशन से जीवन बचाया गया। हनुमानगढ़ रोड पर टांटिया यूनिवर्सिटी परिसर में स्थित डॉ. एस. एस. टांटिया एमसीएच एंड रिसर्च सेंटर (जन सेवा हॉस्पिटल) में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने लगभग 9 घंटे के जटिल आपरेशन से एक महिला का जीवन बचाया है। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी बलजीत सिंह कुलडिय़ा ने बताया कि अनूपगढ़ क्षेत्र की 32 वर्षीय राजदीप के थायराइड की गांठ कान के नीचे से हार्ट तक थी और यह बड़ी होती जा रही थी। हृदय रोग विभाग के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव वशिष्ठ, नाक, कान एवं गला रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉ. तुषार जैन, डॉ. महेश के. मोहता एवं मेक्सीलोफेशियल एंड हेड-नेक ओंको सर्जन डॉ. पी. सी. स्वामी ने यह आपरेशन किया। मरीज की छाती खोली गई और हार्ट से गांठ को अलग किया गया।यह काफी कठिन कार्य था, इसके बावजूद विशेषज्ञों की टीम ने इसमें सफलता प्राप्त की। एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. सुरेश जैन एवं डॉ. नवीन जैन का भी इसमें सहयोग रहा। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत आपरेशन  किया गया।महिला रोगी के पति एक निजी विद्यालय में शिक्षक है, उसकी बहिन सुमन ने बताया कि थायराइड की लगातार बढ़ती गांठ के कारण पूरा परिवार बहुत परेशान था। समस्या के समाधान के लिए इधर-उधर प्रयास किए लेकिन कुछ नहीं हुआ। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपने अनुभव और दक्षता से एक तरह से जीवन दान दिया है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना को बहुत लाभकारी बताते हुए सुमन ने कहा कि इस योजना एवं चिकित्सको की पूरी टीम की जितनी तारीफ  की जाए कम है।