ब्यूरो रिपोर्ट
राजस्थान में मानसून फिर एक्टिव हुआ है। पूर्वी राजस्थान में बरसात शुरु हो गई लेकिन पश्चिमी राजस्थान इस बार सुखे के सायें में है। बात जोधपुर की करें तो जोधपुर में भी किसानों को बरसात की अब उम्मीद टूट चुकी है। हालांकि दो दिन पहले जोधपुर में हल्की बरसात हुई लेकिन इस बरसात ने उमस और बढा दी। जानकारी के अनुसार 2.6 मीली मीटर बरसात हुई। जिससे उमस बढी और दिन भर लोगों को हल्कान महसूस करवाया। इधर तापमान भी 37 डिग्री पहुंच चुका है। ऐसे में पसीने से तर-बतर लोग परेशान नजर आए। हालांकि सितम्बर तक बरसात का मौसम रहता है ऐसे में उमस भी रहती है। लेकिन बरसात हो तो राहत मिले ।
मौसम विभाग के मुताबिक इस माह भी बारिश होने की नही आशा
मौसम विभाग की माने तो इस सप्ताह भी यहां बरसात नहीं होगी। भादवे के महिने में जहां गर्मी से थोड़ी राहत मिलनी चाहिए लेकिन इस माह में ने भी पसीने ही निकाले। जोधपुर में इस मानसून में एक भी अच्छी बरसात नहीं हुई और अब लोगो ने उम्मीद भी छोड़ दी। इधर सड़कों पर रामदेव के जातरुओं का सैलाब उमड़ रहा है। भरी गर्मी व उमस के बीच पैदल चलने वाले जातरु भी हलकान महसूस कर रहे है। भरी गर्मी में पैदल चलते पेड़ की छांव में विश्राम कर फिर आगे बढ़ते यह जातरु गर्मी कम होने की मन्नत मांग रहे है।
91 मीमी तक बरसा
मानसून में अब तक जोधपुर में 91 मीमी तक बरसात हुई है जो कि औसत बरसात के आधी भी नहीं है। इंद्र देव की बेरुखी से सबसे ज्यादा किसान परेशान हुए है। उनकी फसलें जल चुकी है। सिंचित क्षेत्रों में जो फसले बची है व इधर पूर्वी राजस्थान में मानसून फिर से एक्टिव हो चुका है। रविवार को जयपुर में अच्छी बरसात हुई।


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