सवाईमाधोपुर से हेमेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट।

सवाईमाधोपुर जिले की गंगापुरसिटी उदेई मोड़ थाना पुलिस ने रीट परीक्षा में पेपर बेचने के फर्जी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने प्रत्येक परीक्षार्थी से पेपर उपलब्ध कराने की एवज में 15 लाख रुपए लेना निर्धारित किया था। पुलिस को आरोपी पेपर माफिया देशराज मीना पुत्र हरकेश मीना निवासी कुंडली थाना बामनवास के पास से रीट परीक्षा को लेकर चार करोड़ रुपए के लेनदेन का हिसाब मिला है। पुलिस आरोपी से रीट परीक्षा फर्जीवाड़े को लेकर उसके साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है। उदेई मोड थानाधिकारी गंभीर सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रीट परीक्षा-2021 में सक्रिय पेपर माफिया की धरपकड़ व अपराधियों पर कार्रवाई के लिए अभियान चला रखा है। गंगापुर सिटी पुलिस उपाधीक्षक हिमांशु शर्मा, वृत्ताधिकारी कालूराम मीना के सुपरवीजन में थानाधिकारी गंभीर सिंह के नेतृत्व में हैड कांस्टेबल राजेश खन्ना, कांस्टेबल इकरार अहमद, रिंकू, विजय, सत्यभान द्वारा थाना क्षेत्र में पेपर माफियाओं पर निगरानी रखी जा रही थी। इस दौरान उदेई मोड पुलिस टीम ने पेपर माफिया देशराम मीना को अपनी गिरफ्त में लिया। आरोपी को रीट परीक्षा 2021 में परीक्षार्थी को अच्छे अंक दिलाने का झांसा देकर प्रश्न पत्रों के वितरण के लिए परीक्षा समय से पूर्व पेपर उपलब्ध कराने का भरोसा देते पाए जाने पर गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि पेपर कहां से उपलब्ध होगा तथा किस तरीके से पढ़ाया जाएगा व गिरोह में कौन-कौन शामिल हैं।  पुलिस टीम को सूचना मिली की एक व्यक्ति स्विफ्ट डिजायर गाड़ी नम्बर आरजे 17-सीए-2962 को लेकर सालोदा मोड़ खड़ा है। जो रीट परीक्षा में परीक्षार्थियों के साथ जालसाजों द्वारा पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर प्रत्येक विद्यार्थी से 15 लाख रुपए में सौदा तय कर रहा है। इस पर पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि परीक्षा से करीब दो-तीन घंटा पहले गिरोह के अन्य सदस्यों द्वारा परीक्षार्थियों को पेपर पढ़वाया जाकर उनसे उनके ऑरिजनल कागजात व खाली चैक तथा कुछ पैसे परीक्षा केन्द्र पहुंचाने से पहले ही ले लिए जाते हैं और पेपर समाप्ति के बाद शेष रकम वसूल की जाती है। लगभग 25-26 परीक्षार्थियों से एडमिट कार्ड लेकर रीट परीक्षा 2021 में पेपर दिलाने की बातचीत कर रखी है। प्रत्येक परीक्षार्थी से आरोपी देशराज द्वारा 15 लाख रुपए लेना बताया तथा आगे पेपर माफियाओं को प्रत्येक परीक्षार्थी के हिसाब से 13 लाख रुपए देना बताया। परीक्षार्थी से उनके असली दस्तोवज व खाली चैक जिसमें 15 लाख भरे हो लेते हैं। इस तरह आरोपी चार करोड़ रुपए का परीक्षार्थियों से सौदा कर चुका है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो हजार रुपए के चिल्ड्रन बैंक के कुल सौ नोट, वाट्सअप चैट का स्क्रीनशॉट व एडमिट कार्डों का स्क्रीन शॉट लिया है। आरोपी के मोबाइल व कार को जब्त किया गया है। पुलिस द्वारा शेष आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी।