ब्यूरो रिपोर्ट

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। इस मेडिकल बोर्ड के गठन का आदेश SMS अस्पताल के अधीक्षक डॉ राजेश शर्मा ने जारी किया। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुधीर भंडारी के निर्देशन में यह बोर्ड गठित किया गया है।


दरअसल शुक्रवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सीने में दर्द के बाद एसएमएस अस्पताल ले जाना पड़ा।जहां उनकी एंजियोप्लास्टी की गई है। मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य पर नजर बनाए रखने के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया गया है। इस मेडिकल बोर्ड में बतौर मेंबर HOD कार्डियोलॉजी डॉ राजीव बगरहट्टा, सीनियर प्रोफेसर एवं कार्डियोलॉजिस्ट डॉ वी वी अग्रवाल, डॉ विजय पाठक, सीनियर प्रोफेसर गैस्ट्रोलॉजी डॉ रूपेश पोखरना और सीनियर प्रोफेसर एनेस्थीसिया डॉ सुशील भाटी को शामिल किया गया है। इससे पहेल डॉ सुधीर भंडारी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तबीयत को लेकर मेडिकल बुलेटिन जारी किया था। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की एंजियोप्लास्टी की गई है। फिलहाल वे ठीक हैं लेकिन उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। उनकी एक आर्टरी में 90 फीसदी ब्लॉकेज था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत की सफल एंजियोप्लास्टी की गई है।डॉ. भंडारी ने कहा कि उन्हें बीते 2 दिन से चेस्ट पेन की शिकायत थी और अस्पताल में लाने के बाद उनका ईसीजी और पूरा मेडिकल चेकअप किया गया। जहां मुख्यमंत्री के एक आर्टरी में 90 फ़ीसदी ब्लॉकेज था. सभी मेडिकल रिपोर्ट नॉर्मल आने के बाद उनकी एंजियोग्राफी की गई और उनके हार्ट में ब्लॉकेज पाया गया। जिसके बाद चिकित्सकों ने एंजियोप्लास्टी करने का निर्णय लिया। फिलहाल सीएम अशोक गहलोत को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है और उनकी हालत ठीक है।मुख्यमंत्री को अगले 24 घंटे तक चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा और उसके बाद उनका एक बार फिर से मेडिकल चेकअप होगा। चिकित्सकों ने उन्हें फिलहाल 15 से 20 दिन आराम करने की सलाह दी है और उन्हें अगले 2 से 3 दिन अस्पताल में ही रहने की सलाह भी दी गई है।बताया जा रहा है कि गुरुवार देर रात उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई थी जिसके बाद शुक्रवार सुबह उन्हें एसएमएस अस्पताल में भर्ती किया गया।डॉ. भंडारी ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपना इलाज आम नागरिक की तरह राजस्थान गवर्मेंट हेल्थ सर्विसेज़ के दायरे में करवाया है।


इस बीच CM गहलोत की हालत में सुधार को देखते हुए उन्हें घर में ही आराम करने की सलाह दी गई और वे CMR लौट गए।